'गरीबों का जीवन स्तर सुधारने में कोई कसर नहीं छोड़ रही आंध्र प्रदेश सरकार'
राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश विधानमंडल, संयुक्त सत्र में अपना पहला भाषण दिया।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस (रिटायर्ड) एस अब्दुल नजीर ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश ने कल्याण और विकास पर ध्यान देने के साथ दो अंकों की विकास दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार शासन को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है।
राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपना पहला भाषण दिया। राज्यपाल ने सही मायनों में सशक्तिकरण हासिल करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल से लेकर मनोनीत पदों तक के 70 प्रतिशत पदों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में बांटे जाने के तरीके को भी सदन के सामने रखा।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र गरीबों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अत्यंत पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1.97 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया है। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी गई है। साथ ही राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नवा रत्नालु के तहत वित्तीय सहायता देकर गरीबों के जीवन स्तर में सुधार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने कहा कि राज्य सरकार ने नाडु-नेदु मन बदी कार्यक्रम के पहले चरण में लगभग 15,717 स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए 3,669 करोड़ रुपये और पिछले 45 महीनों में दूसरे चरण के तहत लगभग 22, 345 स्कूलों के विकास के लिए 8,345 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, 'मेरी सरकार चाहती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा में अपने सपनों को साकार करने के अवसरों से वंचित न रहे। मेरी सरकार ने अम्मा वोडी योजना के तहत 88 लाख बच्चों को स्कूलों में भेजने में मदद करने के लिए लगभग 44 लाख माताओं को 19,900 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।'












Click it and Unblock the Notifications