क्यों होती है सावन में शिव की भस्म से पूजा और आरती?
आज सावन का दूसरा सोमवार है, 19 साल के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि इस सावन के सारे सोमवार शिवभक्तों को कुछ ना कुछ दे ही रहा है। सावन का पहला सोमवार जहां जातकों को सारी समस्याओं और बधाओं से मुक्ति दिलाने वाला था वहीं दूसरी ओर आज का सोमवार शिवभक्तों को बेहतर स्वास्थ्य और बल प्रदान करने वाला है।
सावन के पूजा का खास महत्व होता है, सावन हमेशा लोगों को खुशी, शांति और समृद्दि प्रदान करता है, वैसे सावन में भगवान शिव की विशेष तरह से पूजा होती है। लोग शिवलिंग को दूध और गंगाजल से नहलाते हैं तो कहीं-कहीं भस्म से आरती होती है।
जानिए क्यों कहा जाता है सावन में ना खाओ मांस और रहो बीवी से दूर?
वैसे तो हर जगह मंदिरों के हिसाब पूजा होती है लेकिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में खास तरह की भस्म आरती होती है। आईये जानते हैं कि क्या है इस भस्म आरती का महत्व स्लाइडों के जरिये...

इंसान भस्म मे मिल जायेगा
कहते हैं इंसान एक दिन इसी भस्म यानी राख में मिल जायेगा इसलिए इस भस्म से पूजा की जाती है ताकि हमेशा भस्म के जरिये इंसान भगवान शिव से जुड़ा रहे।
पेड़-पौधे-मिट्टी से प्यार
शिवजी हमेशा जंगलों और पहाड़ों में रहे हैं इसलिए उन्हें हमेशा पेड़-पौधे-मिट्टी से प्यार रहता है, ऐसा माना जाता है कि भस्म के जरिये इंसान उनके निकट पहुंचने की कोशिश करता है।

राख का तिलक
राख हमेशा पवित्र मानी जाती है इसलिए लोग बर्तनों को राख से मांजते थे, इसलिए जब राख का तिलक किया जाता है तो इंसान का दिल-दिमाग हमेशा शुद्द हो जाता है।

शक्ति प्रदान करता है
भस्म इंसान के अंदर एक शक्ति प्रदान करता है, भस्म धारण करने वाले भगवान शिव संदेश देते हैं कि परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल लेना चाहिए।

सावन का दूसरा सोमवार आज, शिवभक्तों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य और बल
सावन का दूसरा सोमवार आज, शिवभक्तों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य और बल












Click it and Unblock the Notifications