Maa Brahmacharini Mantra:नवरात्रि के दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा,इस मंत्र से होंगी देवी प्रसन्न
Maa Brahmacharini Mantra: नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस महापर्व के नौ दिनों में हर दिन माँ दुर्गा के एक अलग रूप की पूजा की जाती है। दूसरे दिन की आराधना माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित होती है। इन्हें तपस्या और संयम की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में धैर्य और आत्मबल बढ़ता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, माँ ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी कहा जाता है। भक्त इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं, स्वच्छ वस्त्र पहनते हैं और पूजा स्थल पर दीप जलाते हैं। माँ को सफेद फूल, चंदन और पंचामृत अर्पित किया जाता है। पूजा के समय "ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः" मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।

माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना से साधकों को तप, संयम और भक्ति की शक्ति प्राप्त होती है। यही कारण है कि नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी उपासना का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त आरती और स्तोत्र का पाठ करके माता से आशीर्वाद मांगते हैं।
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माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)
🌸 मूल मंत्र
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
🌸 ध्यान मंत्र
"वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
जपमालाकमण्डलु धरा ब्रह्मचारिणी शुभाम्॥"
🌸 स्तुति मंत्र
"दधाना करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलु।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥"
🌸 प्रार्थना मंत्र
"तपश्चर्या तपस्त्वं च योगानुगता च या।
त्वं ब्रह्मचारिणी देवी प्रसीद परमेश्वरी॥"
🌸 माँ ब्रह्मचारिणी स्तोत्र 🌸
तपश्चारिणि त्वंहि तपस्यन्ति परस्तपः।
देवि ब्रह्मचारिण्यनन्तफलदायिनि॥
सुलभा सततं भक्त्या च भक्तानां भवसिद्धिदा।
प्रसादं कुरु मे मातर्ब्रह्मचारिण्यनुत्तमे॥
ध्यानमूलं जपं बीजं पूजामूलं क्षमाप्रदा।
आचारमूलं तपश्चैव ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
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