Sawan Purnima 2021: धनवान बनना चाहते हैं तो 'श्रावणी पूर्णिमा' से 40 दिन करें अष्टलक्ष्मी प्रयोग
नई दिल्ली, 16 अगस्त। श्रावण माह भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे पवित्र माह होता है और जिस व्यक्ति पर शिवजी की कृपा हो जाती है, उसके पास किसी चीज का अभाव नहीं रह जाता है। विशेषकर व्यक्ति आर्थिक रूप से पूरी तरह समृद्ध होकर धनवान बन जाता है। शिवजी की पूजा जिस कामना की पूर्ति के लिए की जाए वह अवश्य पूरी होती है इसमें कोई संदेह नहीं है। यदि आप सुखी और समृद्ध बनना चाहते हैं तो श्रावण माह की पूर्णिमा के दिन से प्रारंभ करके लगातार 40 दिनों तक अष्टल लक्ष्मी प्रयोग करें, आप निश्चित रूप से धनवान बनेंगे। लक्ष्मी प्राप्ति का यह अचूक प्रयोग श्रीविद्या का प्रमुख भाग है।
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कब करें प्रयोग प्रारंभ
अष्टलक्ष्मी प्रयोग श्रावण माह की पूर्णिमा से प्रारंभ किया जाता है। प्रारंभ करके इसे लगातार 40 दिनों तक किया जाता है। अंतिम दिन हवन करके पांच कन्याओं को खीर सहित भोजन करवाकर यथोचित दान-दक्षिणा देकर प्रसन्नचित्त से विदा किया जाता है। इस बार श्रावण पूर्णिमा 22 अगस्त 2021 को आ रही है।
कैसें करें अष्टलक्ष्मी प्रयोग
अष्टलक्ष्मी प्रयोग प्रारंभ करने के लिए कमलासन पर बैठी हुई, उन्मतत हाथियों द्वारा सेवित महालक्ष्मी का प्रसन्न मुद्रा में चित्र बनाएं या आजकल बाजार में बना बनाया चित्र मिल जाता है। लेकिन ध्यान रखें चित्र में मां लक्ष्मी कमल के आसन पर बैठी हुई हों और उनके दोनों ओर सेवा करते हुए हाथी हों। ऐसे चित्र को लाकर उसे चारों से भूपूर से बंद करके, अंदर षटकोण तथा एक वृत, फिर अष्टदल पद्म बनाएं। यदि इतना सब ठीक से ना बना पाएं तो बाजार में अष्टलक्ष्मी यंत्र भी बना-बनाया मिलता है, उसे लाकर स्थापित कर सकते हैं। इस प्रकार की लक्ष्मी को ज्येष्ठा लक्ष्मी कहा जाता है। चित्र में बैठी हुई लक्ष्मी के दोनों ओर हाथी स्वर्ण कलश से अभिषेक करते हुए हों तो वह गजलक्ष्मी कहलाती है। दोनों में से कोई भी एक यंत्र लाकर उसके सामने प्रतिदिन लाल रंग के आसन पर बैठकर नीचे लिखे मंत्र का जाप कमलगट्टे की माला से करना है। माला इस प्रकार से तय करना है कि 40 दिन में सवा लाख मंत्र जाप पूरे हो जाएं।
यदि गणित के हिसाब से देखा जाए तो 29 माला प्रतिदिन करने से 40 दिन में सवा लाख मंत्र पूरे हो जाएंगे। अंतिम दिन इसी मंत्र से कमलपत्र, बिल्वपत्र या दुग्धस्रावित स्निग्ध औषधियों से बनी खीर से 108 आहुति देकर हवन करें। इसके बाद पांच पवित्र कन्याओं को खीर खिलाकर उनका पूजन करें, यथोचित दान-दक्षिणा भेंट करें। इससे यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा। सिद्ध होने पर आर्थिक स्थिति पूर्णत: अनुकूल होकर व्यापार-व्यवसाय में पूर्ण संपन्नता प्राप्त होती है। व्यक्ति जो भी कार्य कर रहा है उसी से वह धनवान बन जाता है। कुछ ही समय में जातक प्रबल पराक्रमी व ऐश्वर्यसंपन्न हो जाता है।
मंत्र- ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊं महालक्ष्म्यै नम:












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