सऊदी कवियित्री की नज़्मों से कोहराम

Hissa Hilal
अपने लेखन से चरमपंथियों पर निशाना साधने वाली एक सऊदी कवियित्री हिसा हिलाल अबू धाबी में चल रही एक प्रतियोगिता में सबसे मज़बूत दावेदार बनकर उभरी हैं. सिर से पैर तक काले बुर्के में ढकी इस महिला ने अरबी भाषा में लिखी अपनी नज़्मों में कट्टरपंथी मुसलमानों को आड़े हाथों लिया है.

प्रतियोगिता के अंतिम दौर में दर्शकों और निर्णायकों दोनों ने हिसा हिलाल की नज़्मों की तारीफ़ की. उनकी कविता का शीर्षक था- फ़तवे से मचा कोहराम. हिसा हिलाल की नज़्मों की वजह से इस्लामी चरमपंथी संगठनों की वेबसाइटों पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है.

हिसा हिलाल ने बीबीसी से कहा,''उन्हें इस बात को लेकर गुस्सा आता है कि अरब समाज अपने तक सीमित होता जा रहा है. वो पहले जैसा लोगों को स्नेह करने वाला, ध्यान रखनेवाला और मु्क्त नहीं रहा है. पहले यहाँ तक कि अजनबी भी ऐसा महसूस करते थे कि उन्हें समाज ने स्वीकार कर लिया है और उनका स्वागत किया जा रहा है.''

उनका कहना था कि अब यदि आप किसी के साथ अच्छा बर्ताव करते हैं तो लोग खुद से सवाल करने लगते हैं कि अजनबी लोगों के साथ बात करना क्या हराम है. वो कहती हैं,''मैं उन लोगों को दोष देती हूँ जिन्होंने लोगों को ऐसा बना दिया है.'' इस प्रतियोगिता के अंतिम दौर का अमीरात टेलिविज़न पर सीधा प्रसारण किया जाएगा और जीतने वाले को 13 लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा. इस प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा अगले हफ़्ते की जाएगी.

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