Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

संकष्टी चतुर्थी आज, जरूर पढ़ें ये चालीसा, हो जाएंगे मालामाल, जानिए पूजा का मुहूर्त

Sankashti Chaturthi 2023: मार्गशीर्ष संकष्टी चतुर्थी का व्रत आज मनाया जाएगा। ये व्रत महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस व्रत में महिलाएं सुबह से शाम तक निर्जला व्रत करती हैं और शाम को पहले बप्पा की पूजा और फिर चंद्रमा को अर्ध्य देकर अपना उपवास खोलती हैं।

Sankashti Chaturthi

ये है पूजा का मुहूर्त

  • चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 30 नवंबर को दोपहर में 2 बजकर 24 मिनट
  • चतुर्थी तिथि का अंत -1 दिसंबर को दोपहर में 3 बजकर 31 मिनट पर
  • पूजा संध्या काल में करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  • चंद्रोदय का समय- 30 नवंबर को शाम 7 बजकर 54 मिनट पर

पूजा विधि

  • सबसे पहले नहाधोकर साफ कपड़े पहनें और फिर व्रत का संकल्प लें।
  • गणेशजी का ध्‍यान करें।
  • इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाला-पीला कपड़ा बिछाकर भगवान का आसन बनाएं।
  • उस पर गणेशजी की छोटी सी प्रतिमा या तस्वीर रखें। स्‍थापित करें।
  • उन्हें फल, धूप, दीप और मोदक या लड्डू अर्पित करें।
  • उसके बाद शाम को चंद्रमा को जल चढ़ाकर व्रत का वारण करें।

12 नामों का जाप 108 बार करें

सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन।

मंत्रों का जाप करें

  • ॥ ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
  • गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
  • ॥ ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
  • महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
  • 'ॐ ऐं ह्वीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'
  • 'ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।'
  • ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।

महत्व और लाभ

गणेश जी पूजा करने के लिए गणेश की विशेष चालीसा का पाठ करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से इंसान के सारे कष्ट तो दूर होते ही हैं, साथ ही इंसान के यश-बल की वृद्धि होती है। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और वो इंसानको पैसे की प्राप्ति होती है। केवल संकष्टी चतुर्थी के ही दिन नहीं बल्कि नियमित रूप से बप्पा जी की चालीसा पढ़ने से इंसान को दूनी तरक्की मिलती है।

यहां है गणेश चालीसा

  • ॥ दोहा ॥
  • जय गणपति सदगुण सदन,
  • कविवर बदन कृपाल ।
  • विघ्न हरण मंगल करण,
  • जय जय गिरिजालाल ॥

पूरी चालीसा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- यहां पढे़ं गणेश चालीसा, जानें महत्व और लाभ

डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+