Ram Mandir Ayodhya: क्या होती है प्रायश्चित पूजा? क्यों हो रही है अयोध्या में? क्या है महत्व?

Ram Mandir Ayodhya Inauguration: 22 जनवरी का पूरा भारत बेसब्री से इंतजार कर रहा है, इस दिन अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी लेकिन इससे पहले इससे जुड़े कई अनुष्ठान आज से प्रारंभ हो गए हैं।

Prayaschit Puja

मालूम हो कि मकर संक्रान्तिं से खरमास खत्म हो जाता है और शुभ काम प्रारंभ हो जाते हैं और इसी के तहत अयोध्या में आज से अनुष्ठान प्रारंभ हुआ है, जिसके तहत आज वहां प्रायश्चित पूजा हो रही है।

प्रायश्चित पूजा होती क्या है और क्यों की जाती है?

अब सवाल उठता है कि आखिर प्रायश्चित पूजा होती क्या है और क्यों की जाती है? तो आपको बता दें कि इस पूजा का सीधा आशय प्रभु से अपनी गलती की माफी मांगना है।

दरअसल कोई भी बड़ा अनुष्ठान जब होता है तो उसके पहले ये पूजा होती है, जिसमें पूजा-पाठ में अपनी भूलचूक के लिए प्रायश्चित किया जाता है। ये पूजा काफी लंबी होती है और इसमें 10 विधि के स्नान का प्रावधान है जो कि अलग-अलग चीजों से किया जाता है।

यही नहीं इस पूजा में गोदान, वस्त्रदान और आभूषणों का दान किया जाता है। माना जाता है कि अगर कोई बड़ा धार्मिक इवेंट करने से पहले ये पूजा कर ली जाए तो पहली बात होने जा रहे कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं आती है और दूसरी बात ये कि अगर पूजा के दौरान कुछ गलती हो भी जाए तो उसका पाप पूजा करने वाले को नहीं लगता है।

भगवान से माफी मांग लेनी चाहिए...

ये तो हुई प्रायश्चित पूजा की बात, जो कि काफी विधि-विधान से करनी होती है लेकिन आमतौर पर भी अगर आपकी रोजमर्रा की पूजा में आपसे कोई गलती हो जाए तो आपको निम्लिखित मंत्रों का जाप करके तुंरत भगवान से माफी मांग लेनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान नाराज नहीं होते हैं और ना आप किसी भी तरह के पाप के भागीदार बनेंगे।

  • आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
  • पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥
  • मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन।
  • यत्पूजितं मया देव! परिपूर्ण तदस्तु मे॥

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  • ॐ अपवित्रः पवित्रो वा , सर्वावस्थां गतो अपि वा।
  • य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं , स: बाह्याभ्यन्तरः शुचि:।।

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क्षमा मांगने से इंसान छोटा नहीं होता है, बल्कि उसका कद सामने वाले की नजरों में बढ़ जाता है। इसलिए क्षमायचना केवल पूजा में ही नहीं बल्कि रिश्तों में भी होनी चाहिए। अगर आप अपनी नियमित पूजा में क्षमायचना को शामिल करते हैं तो निश्चित तौर पर ये आपके अंदर के अहंकार को कम तो करेगा ही बल्कि आपके व्यक्तित्व को भी निखारने में मदद करेगा।

डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

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