Pradosh Vrat 2025: सावन का प्रदोष व्रत आज, भोलेनाथ को ये पांच चीजें करें अर्पित होगी हर इच्छा पूरी
Pradosh Vrat 2025: श्रावण मास में आने वाले प्रदोष व्रत का बड़ा महत्व होता है, क्योंकि शिव के प्रिय मास श्रावण में शिव का प्रिय व्रत प्रदोष अत्यंत श्रेष्ठ फल प्रदान करता है। श्रावण का यह प्रदोष व्रत आज है।
इस प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को यदि आप पांच चीजें अर्पित कर देंगे तो आपके जीवन से सारे संकटों का नाश हो जाएगा। समस्या चाहे कितनी भी बड़ी हो वो संकट दूर हो जाएगा।

आइए जानते हैं क्या हैं वे पांच चीजें...
बिल्व पत्र : शिवजी को बिल्व पत्र अत्यंत प्रिय है। श्रावण प्रदोष के दिन बिल्व पत्र अनुष्ठान किया जाता है। प्रदोष काल में शिवजी का पूजन करने के बाद 1008 बिल्व पत्रों से अनुष्ठान करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र या ऊं सांब सदाशिवाय नम: या शिव सहस्रनाम का पाठ करते हुए शिवजी को एक-एक बिल्व पत्र अर्पित करते जाएं। इसके बाद 108 आहुति बिल्वफल के टुकड़ों की दें। यह ऐसा प्रयोग है जो आपकी हर समस्या का निदान है।
गन्ने के रस का अभिषेक : श्रावण प्रदोष के दिन शिवजी का अभिषेक गन्ने के रस से अवश्य करना चाहिए। यदि गन्ने का रस उपलब्ध न हों तो किसी भी फल के रस से शिवजी का अभिषेक करें। ऐसा करने से आर्थिक संकट दूर होने लगता है और पैसा आने के अनेक मार्ग खुलने लगते हैं।
कच्चे सूत का अर्पण : श्रावण प्रदोष के दिन शिवजी को कच्चे सूत का अर्पण किया जाता है। इसे पवित्रक कहा जाता है। कच्चे सूत के 21 फेरे लेकर एक माला की तरह बना लें। पूजन करने के बाद इसे शिवजी को अर्पित करें। उनसे सर्वमंगल की प्रार्थना करें।
सफेद चंदन और सफेद पुष्प : शिवजी को सफेद चंदन और सफेद पुष्प अत्यंत प्रिय है। केतकी को छोड़कर शिवजी को प्रत्येक प्रकार के सफेद सुगंधित पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं। शिवजी को जलार्पण करने के बाद सफेद चंदन से उन्हें त्रिपुंड बनाएं और सफेद पुष्प अर्पित करें। कैसा भी रोग हो वह दूर हो जाएगा।
गंगाजल : श्रावण प्रदोष के दिन शिवजी को गंगाजल अवश्य अर्पित करना चाहिए। गंगाजल से शिवजी प्रसन्न होते हैं और जीवन की बुराइयों को दूर करते हैं। सदमार्ग पर ले जाते हैं।












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