Paush Amavasya 2022: साल की अंतिम अमावस्या पर जरूर करें ये 6 काम, खुल जाएगी किस्मत
आज के दिन पितरों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें और उनके मन का भोजन बनाएं और उसके बाद जानवरों को भी भोजन जरूर खिलाएं।

Paush Amavasya 2022: साल 2022 की अंतिम अमावस्या आज है, आज का दिन बड़ा पावन है, अमावस्या के दिन दान-पुण्य करने से सुख, शांति और वैभव प्राप्ति होती है। पूरे पौष माह में सूर्य देव की पूजा करना लाभदायी होता है। माना जाता है कि अगर इंसान आज गरीबों को दान दे तो उसके सारे कर्जे उतर जाते हैं और ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज के दिन जरूर ये 6 चीजें करनी चाहिए..
- सूर्यदेव को अर्घ्य दें वो भी तांबे या पीतल के लोटे में।
- सूर्यदेव को जल अर्पित करने के बाद अपने पितरों को याद करें।
- पितरों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें।
- पितरों के लिए उनके मन को भोजन बनाएं और उसके बाद जानवरों को भी भोजन जरूर खिलाएं।
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
- जरूरतमंदों को दान अवश्य करें।
अमावस्या के दिन इन मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए
- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
- ॐ पितृभ्य: नम
- ऊँ नम: शिवाय मंत्र
- ॐ कुल देवताभ्यो नमः
- ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
- ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
- ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
- ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र और आरती
- ॐ हृां मित्राय नम:
- ॐ हृीं रवये नम:
- ॐ हूं सूर्याय नम:
- ॐ ह्रां भानवे नम:
- ॐ हृों खगाय नम:
- ॐ हृ: पूषणे नम:
- ॐ श्री भास्कराय नम:
सूर्य देव की आरती
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
- अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
- फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
- गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
- स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।
- प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
- वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
- ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।












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