Naraka Chaturdashi 2021: छोटी दीवाली पर कितने दीए जलाएं, क्यों जलाते हैं कूड़े और नाले के पास दीपक?
नई दिल्ली, 03 नवंबर। आज छोटी दीपावली है, आज के दिन को 'नरक चतुर्दशी' भी कहा जाता है। आज के दिन लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई करके अपने घरों को सुंदर ढंग से सजाते हैं, जिससे कि उनके स्वच्छ और सुंदर घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा के लिए बनी रहे। मां लक्ष्मी हमेशा वहीं वास करती हैं, जहां सफाई को मान्यता दी जाती है। वैसे छोटी दिवाली पर कितने दीए जलाए जाएं इसे लेकर लोगों को तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। वैसे अलग-अलग राज्यों में इसको लेकर अलग-अलग मान्यता है।

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आज यम देवता को प्रसन्न करने के लिए दीए जलाए जाते हैं। कुछ लोग कूड़े के ढेर पर या नाले के पास भी दीपक जलाते हैं। कहते हैं ऐसा करने से यम देव खुश होते हैं और इंसान के ऊपर से अकाल मृत्यु का दोष हट जाता है। कहीं-कहीं छोटी दीवाली पर घर में पांच दीपक घी वाले जलाने की प्रथा है तो कहीं-कहीं लोग 11/ 12/ 13 या 15 दीपक जलाते हैं। कहीं लोग समसंख्या को शुभ मानते हैं तो कहीं पर विषम को अच्छा नंबर माना जाता है। वैसे दीपक की संख्या चाहे जितनी भी हो। आपको ये ध्यान रखना चाहिए कि आपकी पूजा सच्चे मन से हो और आपके घर के मुख्य हिस्सों में जरूर दीपक जल जाएं।
इन जगहों पर जरूर जलाएं दीपक
- सरसों का दीपक घर के मुख्य द्वार पर।
- घर के पूजा स्थल या मंदिर में।
- मां लक्ष्मी के सामने
- गणेश भगवान के सामने
- घर की तुलसी माता के पास।
- घर में कूड़ा कचरा वाले स्थान पर।
- बाथरूम के पास
- छत या बालकनी या आंगन में।
- घर की खिड़की
- घर के रसोईघर में।
- पढ़ाई वाले स्थान पर
- श्यन कक्ष में।

छोटी दिवाली का महत्व
आज के दिन राक्षस राजा नरकासुर का खात्मा हुआ था इसलिए आज के दिन को नरक चतुर्दशी कहते हैं। नरकासुर बहुत ही दुष्ट राक्षस था लेकिन बहुत मायावी था। उसके मृत्यु के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं।किसी कथा में कहा गया है कि भगवान कृष्ण ने उसका वध किया था तो कहीं पर लिखा है कि देवी काली ने नरकासुर का का खात्मा किया था। यही कारण है कि लोग आज के दिन को काली चौदस रूप में भी मनाते हैं।












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