Nag Panchami 2022: 'नागपंचमी' आज, जानिए पूजा का शुभ-मुहूर्त
नई दिल्ली, 02 अगस्त। सावन का पूरा महीना त्योहारों से भरा होता है, रविवार को जहां लोगों ने तीज मनाई वहीं दूसरी ओर अब लोग आज 'नागपंचमी' का त्योहार मना रहे हैं। आपको बता दें कि 'नागपंचमी' का पर्व श्रावण कृष्ण पंचमी और श्रावण शुक्ल पंचमी दोनों ही तिथियों को मनाया जाता है। बिहार, बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान में लोग कृष्ण पक्ष में यह त्योहार मनाते हैं जबकि देश के बाकी हिस्सों में श्रावण शुक्ल पंचमी को ये पर्व मनाया जाता है।

इस दिन नाग देव की पूजा होती है, आपको बता दें कि नाग देवता प्रभु भोलेनाथ के गले के आभूषण हैं। इस दिन लोग शिवलिंग की पूजा करने के साथ-साथ बिंब (सांपों के बिल) की भी पूजा करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वो हमें और हमारे परिवार को कष्ट ना पहुंचाएं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
- नाग पंचमी तिथि प्रारंभ- 02 अगस्त सुबह 05 बजकर 13 मिनट
- नाग पंचमी तिथि समाप्त- 03 अगस्त सुबह 05 बजकर 41 मिनट

पूजा विधि
मालूम हो कि नाग देवता की पूजा करने से शिव-पार्वती दोनों का आशीष मिलता है। सबसे पहले घर के मंदिर में नाग देवता की पूजा करनी चाहिए, अगर संभव हो तो नाग-नागिन दोनों की पूजा साथ में करें, ऐसा करने से दोगुना फल की प्राप्ति होती है। नागदेवता को गाय का दूध, धान का लावा और चना-मटर चढ़ता है। पूजा करने बाद घर के हर कोने में दूध-लावे का छिड़काव करना चाहिए। घर के मेनडोर पर नागदेवता की फोटो लगाकर भी पूजा करनी चाहिए।
इन मंत्रों से कीजिए पूजा होंगे नाग देवता प्रसन्न
- ॐ भुजंगेशाय विद्महे,
- सर्पराजाय धीमहि,
- तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।
- 'सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
- ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।
- ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
- ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।'












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