Brahmacharini Mata Ki Aarti: पढ़ें 'ब्रह्माचारिणी' माता की आरती
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर। मां दुर्गा का दूसरा रूप रूप 'ब्रह्माचारिणी' है। यहां हम आपके लिए लाए हैं ब्रह्माचारिणी माता की आरती, जिसे नवरात्र के दिनों में करने से इंसान को सुख-वैभव की प्राप्ति होती है। मां का ये रूप काफी सरस,कोमल,मोहक और सुंदर है, मां का ये रूप लोगों को अनुशासन सिखाता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां अपने भक्त पर प्रेम और आशीष की कृपा बरसाती हैं।

'ब्रह्माचारिणी' माता की आरती
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
ये हैं मां के नौ रूप
- प्रथम दिन: शैलपुत्री
- दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- चौथा दिन: कुष्मांडा
- 5वां दिन: स्कंदमाता
- 6ठवां दिन: कात्यायनी
- 7वां दिन: कालरात्रि
- 8वां दिन: दुर्गा अष्टमी
- 9वां दिन: मां सिद्धिदात्री












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