Makar Sankranti 2025 Kab Hai: आज है मकर संक्रांति, जानिए क्या है पूजा मुहूर्त और महत्व?
Makar Sankranti 2025 Aaj Hai: आज पूरा देश मकर संक्रांति का पर्व मना रहा है। मकर संक्रांति साल का पहला त्योहार होता है इसलिए हर किसी को इसका बेसब्री से इंतजार होता है। आपको बता दें कि पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2025) का पर्व मनाया जाता है, जिसे 'उत्तरायण ' या 'खिचड़ी' के नाम से भी जाना जाता है।
उत्तरायण का अर्थ है सूर्य का उत्तर दिशा की ओर बढ़ना। यह दिन पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में दिन के लंबे होने की शुरुआत का प्रतीक है। ये दिन बड़ा पावन है, इस दिन से सभी मांगलिक और शुभ काम प्रारंभ हो जाते हैं।

इस दिन स्नान और दान का भी काफी महत्व है। आपको बता दें कि आज सूर्य सुबह 8 बजकर 41 मिनट मकर राशि में प्रवेश करेंगे और चूंकि उदया तिथि मान्य होती है इसलिए इस बार ये पर्व आज मनाया जा रहा है।
मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti 2025 Shubh Muhurat)
मकर संक्रांति पुण्य काल का समय 14 जनवरी 2025 को 9: 38 AM से 5: 46 PM तक है।
मकर संक्रांति भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है (Makar Sankranti 2025)
- उत्तर भारत में इसे खिचड़ी पर्व के रूप में जाना जाता है, जहां लोग खिचड़ी और तिल-गुड़ का दान करते हैं।
- पश्चिम बंगाल में इसे 'पौष संक्रांति' कहा जाता है।
- तमिलनाडु में इसे 'पोंगल' के नाम से मनाया जाता है, जो चार दिनों का उत्सव है।
- गुजरात- राजस्थान में इसे 'उत्तरायण' कहते हैं, गुजरात में स दिन पतंगबाजी होती है।
- महाराष्ट्र में लोग तिल-गुड़ देकर कहते हैं, "तिल गुड़ घ्या, गोड़ गोड़ बोला।"
क्या-क्या होता है मकर संक्रांति 2025 के दिन? (Makar Sankranti 2025)
- इस दिन पवित्र नदी में स्नान का विशेष महत्व है। माना जाता है कि ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- लोग तिल, गुड़, कपड़े और अन्न का दान करते हैं, ऐसा करने से घर में समृद्दि आती है।
- इस दिन हवन और सूर्यदेव की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
मकर संक्रांति का आध्यात्मिक महत्व (Makar Sankranti 2025)
मकर संक्रांति का पर्व आत्मा की शुद्धि और ईश्वर की कृपा प्राप्ति का प्रतीक है। जो केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक बंधन को मजबूत करता। लोग एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं, साथ में पतंग उड़ाते हैं, खाते-पीते हैं, जो कि सामाजिक प्रेम को दर्शाता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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