Mahashivratri 2024 : क्या आप जानते हैं दस महाविद्याएं शिवजी से ही उत्पन्न हुई हैं?
Mahashivratri 2024: शाक्त परंपरा में दस महाविद्याओं के पूजन का विधान है। ये दसों महाविद्याएं विभिन्न कर्मों से जुड़ी हुई हैं और साधकों को समस्त भोग और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं दरअसल ये दस महाविद्याएं शिवजी से ही उत्पन्न हुई हैं और उन्हीं के दस अवतारों की दस शक्तियां हैं। दस महाविद्याएं महाकाली, तारा, भुवनेश्वरी, षोडशी, भैरवी, छिन्नमस्तका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला हैं।
- शिवजी का प्रथम अवतार महाकाल है जो सज्जनों को भोग एवं मोक्ष प्रदान करता है। इनकी शक्ति महाकाली है जो भक्तों को अभीष्ट फल प्रदान करती है।
- शिवजी का दूसरा अवतार तार है जिनकी शक्ति तारा है। ये अपने भक्तों को सुख प्रदान करने वाले एवं भोग व मोक्ष प्रदान करने वाले हैं।
- तीसरा अवतार बाल भुवनेश्वर है। उनकी शक्ति बाला भुवनेश्वरी कही जाती हैं और ये सत्पुरुषों को सुख प्रदान करती है।
- चौथा अवतार षोडश कहा जाता है जिसकी शक्ति षोडशी श्रीविद्या हैं। यह अवतार भक्तों को सुख प्रदान करने वाला तथा समस्त सुखों को देने वाला कहा गया है।
- शिवजी का पांचवां अवतार भैरव नाम से प्रसिद्ध है जो भक्तों की कामनाओं को निरंतर पूर्ण करने वाला है। इनकी महाशक्ति गिरिजा भैरवी नाम से प्रसिद्ध है जो उपासकों की सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
- छठा अवतार छिन्नमस्तक है और उनकी महाशक्ति छिन्नमस्तका गिरिजा हैं। यह शक्ति अभीष्ट की प्राप्ति में सहायक होती है।
- शिव के सातवें अवतार का नाम धूमवान है और उनकी महाशक्ति धूमावती है सज्जन उपासकों को उत्तम फल देने वाला है।
- आठवें अवतार का नाम बगलामुख है, जो संपूर्ण कामनाओं का फल प्रदान करता है। इनकी शक्ति बगलामुखी हैं जो परम आनंदरूपिणी हैं।
- नौवें अवतार मातंग नाम से विख्यात है और उनकी शक्ति मातंगी है। जो भक्तों की समस्त कामनाओं का फल प्रदान करती है।
- शिवजी का दसवां अवतार कमल नाम वाला है जिनकी शक्ति पार्वती का नाम कमला है जो भक्तों का पालन करती है।












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