Karwa Chauth 2022: करवा चौथ पर ये 16 श्रृंगार करना क्यों है जरूरी, जानें क्या है महत्व
Karwa Chauth 2022: हिंदूओं का प्रमुख धार्मिक त्योहार करवा चौथ 13 अक्टूबर को है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाए जाने वाले इस व्रत के दिन महिलाएं दिन भर निराजल व्रत रखती हैं और शाम को गौरी- गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं उसके बाद चंद्रमा को अर्ग देकर पति के हाथों से पानी पीती हैं। मान्यता है कि इस विशेष दिन महिलाओं को 16 श्रृंगार करना चाहिए। आइए जानते हैं महिलाओं के ये श्रृंगार कौन-कौन से हैं और इनका क्या विशेष महत्व ?

सिंदूर
हिंदू धर्म में जब लड़की की शादी होती है तो सात फेरे लेने के बाद होने वाला पति उसकी सूनी मांग में सिंदूर भरता है। इसके बाद से महिला अपनी मांग में सदा सिंदूर भर कर रखती हैं। मान्यता है कि पत्नी के मांग में सिंदूर लगाने से पति की लंबी आयु होती है।

मेंहदी
मेंहदी सुहाग की निशानी होती है। करवा चौथ पर महिलाएं भरे-भरे हाथों में मेंहदी रचाती हैं। मेंहदी का लाल रंग जितना गहरा चढ़ता है कहते हैं पति-पत्नी में प्यार उतना ही गहरा होता है।
चूड़ी
सुहाग की दूसरी निशानी चूड़ी होती है। सुहागिन महिलाओं को अपनी कलाई कभी भी सूनी नहीं रखनी चाहिए। महिला के हाथों में खनकती हुई चूड़ी पहनना पति को सदा स्वस्थ रखता है।
मंगलसूत्र
विवाहित महिला मंगलसूत्र उसके सुहाग की निशानी है। हमेशा आपने मंगलसूत्र में काले रंग की मोती भी देखी होगी। मान्यता है कि ये काले मोती विवाहित जोड़े को बुरी नजर से बचाते हैं। मंगलसूत्र विवाहित महिला का सबसे जरूरी गहना है।
बिंदी
महिलाओं की बिंदी जहां उनकी खूबसूरती में चार चांद लगताती हैं वहीं मान्यता है कि महिलाएं अगर माथे पर सदा बिंदियां सजा कर रखती है तो उसे भाग्यवान होती है और पति के भाग्य में बढ़ोत्तरी होती है।
बिछुआ
पैर की अंगुलियों में चांदी का बिछुआ शादी के मंडप में दुल्हन को पहनाया जाता है। बिछुआ पहनने का वैज्ञानिक महत्व पति पत्नी के रिलेशन से संबंधित है। इसके अलावा मान्यता है कि शादी के बाद आने वाली सभी मुसीबतों का मुकाबला महिला डटकर करेगी।
पायल
पैरों में खनकती हुई पायल जहां बड़ी सुंदर लगती है वहीं मान्यता है कि पैरों में चांदी का आभूषण पहनना शुभ होता है। गलती से भी कभी पैर में सोना नहीं पहनना चाहिए क्योंकि सोना पवित्र धातु है और पैरों में इसे धारण करने से मां लक्ष्मी का हम अपमान करते हैं।
नाक में नथ
नाक में नथ और कील महिला की सुंदरता को बढ़ाती हैं साथ ही ये सुहाग की निशानी भी मानी गई है। मुस्लिम समुदाय में भी नाक की कील महिला के सुहागन होने की निशानी मानी गई है।
लाल, हरे और पीले रंग का जोड़ा
दुल्हन को आपने हमेशा लाल रंग के जोड़े में देखा होगा। वहीं शादी के समय यूपी, बिहार समेत अन्य जगहों पर पियरी यानी पीले रंग की साड़ी फेरे के समय पहनाई जाती है। वहीं महाराष्ट्र में हरे रंग की साड़ी पहनाई जाती है लेकिन करवा चौथ के दिन लाल रंग का जोड़ा शुभ माना जाता है क्योंकि लाल रंग हिंदू धर्म में सबसे शुभ माना गया है।
गजरा
बालों की खूबसूरती गजरा बढ़ाता है साथ ही दक्षिण भारत में सुहागिन महिला को गजरा या बालों में फूल सजाना सुहाग की निशानी मानी जाती है। गजरा पहनने के पीछे कारण है कि महिला की शादीसुदा जिंदगी यूं ही गजरे के फूलों की तरह खिली रहे हैं और महंगती रहे।
काजल
महिला की आंखों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका काजल की होती है। 16 श्रृंगार में शामिल काले रंग का ये काजल आपको और आपके पति को बुरी नजरों से सुरक्षित रखता है/
मांग टीका
मांग टीका जहां महिला की खूबसूरत को बढ़ाता है साथ ही मांग के बीचों बीच में मांग टीका शादी के समय पहनाने का उद्देश्य महिला सदा अपने जीवनसाथी के साथ सही राह पर उसके साथ आगे बढ़ती रहे।
झुमके
कानों में झुमके के बिना श्रृंगार बिलकुल अधूरा होता है। झुमके पहनने के पीछे मान्यता है कि चूंकि महिला इसे कान में पहनती है इसलिए शादी के बाद ना ही उसे अपने परिवार की बुराई कहीं करनी चाहिए और ना ही सुनना चाहिए।
बाजूबंद
हाथों में ऊपर चांदी का बाजूबंद भी महिला के सुहाग की निशानी है। मान्यता है कि इसे महिला पहनती है तो घर में धन की रक्षा होती है।
कमरबंद
कमरबंद भी महिला शादी के दिन से ही पहनना शुरू करती हैं। इसके पीछे वजह है कि कमर में महिला चांदी का गुच्छा लटकाती है जो ये बताता है कि वो ही घर की मालकिन और गृहलक्ष्मी है।












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