Kailash Mansarovar Yatra 2025: 'गर्म कपड़े, पासपोर्ट, ट्रेकिंग बूट', दिव्य यात्रा के लिए जानिए जरूरी डिटेल्स
Kailash Mansarovar Yatra 2025: आज पूरे 6 साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रारंभ हुई है, ये केवल महज एक यात्रा नहीं है बल्कि यह भारत और चीन के बीच संबंधों का भी प्रतीक है। इस यात्रा के फिर से शुरू होने से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद है।कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और अद्भुत तीर्थयात्रा है।
यह यात्रा तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की ओर होती है। इसे मानव जीवन की सबसे कठिन लेकिन सबसे पुण्यदायी यात्राओं में से एक माना जाता है। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें प्राकृतिक सौंदर्य और आत्मिक अनुभव का अनूठा संगम भी देखने को मिलता है।

मानसरोवर झील, कैलाश पर्वत के पास एक मीठे पानी की झील है, मान्यता ये है कि भगवान ब्रह्मा ने इस झील का निर्माण किया था, जिसमें शुद्ध करने की शक्तियां हैं। ये यात्रा भक्त को भगवान से मिलवाती है।
भगवान शिव का निवास है कैलाश पर्वत
आपको बता दें कि कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है। 6,638 मीटर ऊंची चोटी को बौद्ध धर्म के लोग "माउंट मेरु" मानते हैं, जो आध्यात्मिक ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है। जैनियों के लिए, उनके तीर्थंकर ऋषभदेव ने माउंट "अष्टापद" पर मोक्ष प्राप्त किया था।
तीर्थयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु कठिन यात्रा करेंगे
मानसरोवर झील के पास 18,000 फीट ऊंचे कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु कठिन यात्रा करेंगे।
भारत सरकार द्वारा संचालित Kailash Mansarovar Yatra 2025 दो मुख्य मार्गों से होती है:
लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड मार्ग):
- प्रारंभिक स्थान: दिल्ली
- रूट: दिल्ली → अल्मोड़ा → धारचूला → गुंजी → लिपुलेख → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश
- समय: लगभग 23-25 दिन
- विशेषता: यह मार्ग पहाड़ों से होकर गुजरता है और ट्रेकिंग ज्यादा होती है।
नाथू ला दर्रा (सिक्किम मार्ग):
- प्रारंभिक स्थान: गंगटोक
- रूट: गंगटोक → नाथू ला → ल्हासा (बस द्वारा) → मानसरोवर → कैलाश
- समय: लगभग 21 दिन
- विशेषता: यह मार्ग अधिकतर सड़क मार्ग से होता है, इसलिए बुजुर्गों के लिए सुविधाजनक है। खास बात ये है कि दोनों मार्गों के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और चीन सरकार की अनुमति आवश्यक होती है।
Kailash Mansarovar Yatra 2025 के लिए क्या-क्या जरूरी है?
- यात्रा करने की अनुमति केवल 18-70 वर्ष की आयु के लोगों को है, जिसमें आमतौर पर 20 दिन लगते हैं।
- तीर्थयात्रियों को शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
- उनके पास एक वैध भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए।
- भारत ने इस साल 750 नागरिकों को कैलाश मानसरोवर यात्रा करने की अनुमति दी है।
- यह यात्रा जून से अगस्त तक आयोजित की जा रही है।
- तीर्थयात्री 15 समूहों में यात्रा करेंगे, जो सिक्किम में नाथू ला दर्रे और लिपुलेख दर्रे के माध्यम से तिब्बत में पवित्र स्थल तक पहुंचेंगे।
- पिथौरागढ़ जिले में लिपुलेख दर्रे के माध्यम से यात्रा सोमवार को शुरू हुई है।
- इस वर्ष इस मार्ग से 50 तीर्थयात्रियों के पांच जत्थों में कुल 250 तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने वाले हैं।
- तीर्थयात्रा करने वालों के लिए जैकेट जैसे गर्म कपड़े ले जाना जरूरी है।
- ट्रेकिंग बूट और गर्म मोजे पहनें।












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