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Holi 2021: 499 साल बाद आया अद्भुत संयोग, भूल से भी न करें ये गलती

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नई दिल्ली। रंगों के त्योहार होली का आगाज हो चुका है, देशभर में आज यानी रविवार को होलिका दहन होगा और सोवमार को लोग अपने परिजनों संग रंगों का उत्सव मनाएंगे। होली के खास मौके पर आज ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा विशेष संयोग बन रहा है जो 499 साल में एक बार ही आता है। होलिका दहन के लिए शुभ पहर की बात करें तो आज शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 11 बजकर 18 मिनट तक अच्छा समय रहेगा। वहीं पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 52 मिनट तक होगा।

    Holika Dahan 2021: जानिए आज किस मुहूर्त में होगा होलिका दहन, पूजन विधि भी जान लें | वनइंडिया हिंदी
    पिछली बार 1511 में आया था ऐसा संयोग

    पिछली बार 1511 में आया था ऐसा संयोग

    गौरतलब है कि होलिका दहन की पूजा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसका खास महत्व होता है इसलिए इस दौरान कुछ चीजें नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसका गलत प्रभाव आप और आपके परिवार पर पड़ता है। आज के दिन जो अद्भुत संयोग बन रहा है 03 मार्च, 1511 में ही बना था। ज्योतिषविद भारत ज्ञान भूषण के मुताबिक गुरु बृहस्पति जो ज्ञान, संतान, गुरु, धन-संपत्ति के प्रतिनिधि हैं और शनि जो न्याय के देवता है वह इंसान को उसके अच्छे-बुरे कर्मों का फल देंगे। होली पर इन दोनों ग्रहों की स्थिति किसी शुभ योग से कम नहीं है।

    होलिका पूजन के लिए शुभ मुहूर्त

    होलिका पूजन के लिए शुभ मुहूर्त

    आज के दिन यानी रविवार को सुबह 10 बजकर 16 मिनट से ही शुभ पहर शुरू हो गया था। भद्रा अवधि में शुभ योग 10 बजकर 31 मिनट तक था। वहीं, दोपहर 01 बजरर 13 मिनट से शाम 06 बजे तक भद्रा पश्चात लाभामृत योग था।

    इसके बाद 06 बजकर 22 मिनट से रात 11 बजकर 18 मिनट तक होलिका दहन का शुभ पहर है, इस समय के बीच कभी भी होलिका दहन किया जाना शुभ माना जाएगा। होलिका पूजन के लिए शुभ मुहूर्तशाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 52 मिनट तक है। वहीं, शाम 06 बजकर 22 मिनट से शाम 07 बजकर 10 मिनट तक प्रदोष काल विशेष मंगल मुहूर्त है।

    होलिका की कथा

    होलिका की कथा

    आज होलिका दहन को छोटी होली भी कहते हैं, आज के दिन लोग अच्छाई की बुराई की जीत का जश्न मनाते हैं। होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से एक है। यह कितना पुराना है इसके विषय में ठीक जानकारी नहीं है लेकिन इसके विषय में इतिहास पुराण और साहित्य में अनेक कथाएं मिलती है, जिसमें सबसे लोकप्रिय कहानी है भक्त प्रहलाद और होलिका की, जिनकी वजह से ही होलिका दहन की परंपरा शुरू हुई।

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    English summary
    Holi 2021 Holika Dahan This coincidence comes once in 499 years Do not make this mistake
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