गीता जयंती 2021: भगवत गीता का इस दिन जरूर करें पाठ, ये है पूजा का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली, दिसंबर 11। हिंदू धर्म में गीता जयंती दिवस का विशेष महत्व है। हर साल गीता जयंती माघशीष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मनाई जाती है। इस साल गीता जयंती 14 दिसंबर की पढ़ रही है। गीता जयंती को श्रीमद्भगवद्गीता के जन्म के दिन के आधार पर मनाया जाता है। श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया का सबसे श्रेष्ठ ग्रंथ है। मान्यता है कि इस ग्रंथ का पाठ करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी परेशान नहीं हो सकता है।

इस साल गीता जयंती का शुभ मुहूर्त
गीता जयंती तिथि के हिसाब से एकादशी को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मार्गशीर्ष माह में शुक्लपक्ष की एकादशी को ही कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश मिला था। इस साल गीता जयंती से जुड़ी खास बातें-
गीता जयंती 2021 तारीख: मंगलवार, 14 दिसंबर 2021
एकादशी तिथि आरंभ- 13 दिसंबर 2021, 9.32 PM
एकादशी तिथि समाप्त- 14 दिसंबर 2021, 11.35 PM
गीता का एक श्लोक रोज पढ़ने से नहीं होती कोई परेशानी
गीता जयंती उस दिन को माना जाता है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र की युद्ध भूमि पर गीता ज्ञान दिया था। महाभारत के युद्ध के समय अर्जुन ने पारिवारिक मोह के कारण लड़ाई से पीछे हटने का निर्णय ले लिया था। लेकिन, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें गीता का ज्ञान देकर सच्चाई और धर्म के लिए युद्ध लड़ने को प्रेरित किया था। आपको बता दें कि श्रीकृष्ण के दिये गीता ज्ञान 700 श्लोकों वाली श्रीमद्भागवत गीता में अंकित है। यह ग्रंथ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ माना जाता है, जिसके रोजाना अध्ययन करने वालों को कभी कोई परेशानी नहीं आती है। यहां तक कि यह भी माना जाता है कि श्रीमद्भागवत गीता का अनुसरण करने वाले व्यक्ति को मौत के बाद मोक्ष मिलता है।
गीता जयंती पर पूजा की विधि
इस पावन अवसर पर प्रात: जल्दी उठकर भगवान विष्णु को प्रणाम कर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इसके बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान कर ॐ गंगे हर हर गंगे का मंत्रोउच्चारण कर आमचन करें। अब स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु की पूजा पीले फल, पुष्प, धूप-दीप, दूर्वा आदि चीजों से करें. साधक के पास पर्याप्त समय है, तो गीता पाठ जरूर करें। अंत में आरती अर्चना कर पूजा संपन्न करें।












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