Do- donts on Wednesday: आज भूलकर भी ना करें ये काम वरना गणपति होंगे नाराज फिर तो तबाही पक्की है
Do- donts on Wednesday: बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित हैं,जो कि विघ्नहर्ता है। जो कोई भी बप्पा की पूजा सच्चे मन से करता है, उस पर कभी कोई संकट नहीं आता है। भगवान गणेश (Lord Ganesha) वैसे तो खुश रहने वाले भगवान हैं, जहां भी विराजते हैं वहां पर खुशियों का वास होता है।
लेकिन उन्हें बुरे और अधर्मी लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं है और जब इन्हें गुस्सा आता है तो फिर निश्चिचत रूप से उस इंसान का विनाश निश्चित होता है इसलिए बुधवार के दिन कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए और भूलकर भी वो काम नहीं करना चाहिए, जिससे कि गणपति नाराज हों। आइए विस्तार से जानते हैं कि बुधवार को किन कामों से बचना चाहिए।

बुधवार के दिन क्या ना करें (Do- donts on Wednesday)
- बुधवार को धन का लेन-देन करना शुभ नहीं माना जाता।
- बुधवार को कोई भी नया काम शुरू करना शुभ नहीं माना जाता।
- झूठ बोलने और छल-कपट से बचें।
- घर में झगड़ा ना करें, किसी को अपशब्द कहने से बचें।
- बुधवार को किसी को दूध या दूध से बनी चीजें दान ना करें, इससे धनहानि हो सकती है।
- भोजन का अनादर भगवान गणपति को बिल्कुल पसंद नहीं है। बुधवार को विशेष रूप से भोजन का आदर करें और दूसरों को भोजन कराएं।
बुधवार के दिन क्या करें? (Do- donts on Wednesday)
- गणपति की पूजा करें और उन्हें दूर्वा चढ़ाएं।
- "ॐ गण गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
- हरे रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि यह दिन बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।
- जरूरतमंदों को हरे रंग की सब्जियां और फल दान करें।
- गणपति जी पूजा सच्चे मन से करें और पूजा के अंत में आरती जरूर करें आप क्षमा प्रार्थना करें।
गणेश भगवान की आरती (Do- donts on Wednesday)
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
- जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
- एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
- एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
- एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी
- पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
- पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
- लड़डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा
- लड़डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा
- जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
- जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
- सुर शाम शरण आये सफल कीजे सेवा
- सुर शाम शरण आये सफल कीजे सेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
- बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
- कामना को पूरा करो जग बली हारी
- कामना को पूरा करो जग बली हारी
- बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
- बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
- कामना को पूरा करो जग बली हारी
- कामना को पूरा करो जग बली हारी
- बिनन की लाज राखो शंभू सूत वारी
- कामना को पूरा करो जग बली हारी
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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