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ऑकलैंड की दीवाली

Diwali in Auckland
दीवाली एक ऐसा त्‍योहार है जो हर किसी के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आता है। मर्यादा पूरूषोत्‍तम श्रीराम जब लंका विजय कर अयोध्‍या वापस लौटे थे, तो इस दिन खुशी में अयोध्‍या वासियों ने समूचे नगर में घी के दीपक जलाऐं थे। उसके बाद से शुरू यह प्रथा आज भी उसी प्रकार चली आ रही है, और हर वर्ष रावण वध यानी की दशहरा के 20 वें दिन यह हमारे देश में दीपावली के रूप में मनाई जाती है। आपको बता दें कि दीपावली केवल हमारे देश तक ही सिमित नहीं है, इसे दुनिया के कई हिस्‍सों में मनाया जाता है। आज हम आपको बताऐगे न्‍यूजीलैंड के ऑकलैंड की दीवाली के बारें में, पेश है अश्‍वनी तिवारी की एक रिपोर्ट।

आपको बता दें कि ऑकलैंड न्‍यूजीलैंड का एक मेट्रोपॉलिटन शहर है। इस शहर में बहुत से धर्म और जाति के लोग रहते है। यहा पर कुल जनसंख्‍या की लगभग 10 प्रतिशत ऐसी है जो हिंदू, बौध, सिक्‍ख और मुस्लिम धर्म को मानती है। आपको बता दें कि यह पूरा समुदाय इस त्‍योहार को बहुत ही धूम-धाम से मनाता है। इस बारें में हमें आकलैंड के रहने वाले नरेश कुमार जो कि वहां पर एक डायग्‍नोस्‍िटक लैब में काम करते है और जन्‍म से ही आकलैंड में ही रहते है उनसे वन इंडिया हिंदी ने वहां के दीवाली के बारें में बात-चीत की पेश है ऑकलैंड की दीवाली के बारें में कुछ जानकारी।

आपको बता दें कि इस दिन सभी लोग इकठ्ठा होकर बड़े ही विधी विधान से लक्ष्‍मी और गणेश की पूजा करतें है। इस दौरान सभी लोग समूह बनाकर एक दूसरे के घरों पर जाते है और मिठाईयां इत्‍यादी तोहफें के रूप में एक-दूसरे को देते है। इसके अलावा किसी एक जगह पर सभी लोग एकत्र होकर पूजा-पाठ व कीर्तन आदी भी करते है। वहीं बच्‍चों में इस दिन पटाखें जलाने का बेहद उत्‍साह होता है। सबसे खास बात यह कि इस समारोह में हिंदू, बौधीष्‍ठ, सिक्‍ख और मुस्लिम जाति के लोगों के अलावा वहां के मूल निवासी भी खुल कर हिस्‍सा लेते है।

प्रशासनिक हिस्‍सेदारी:

इस दिन वहां अप्रवासी भारतियों की कालोनी पूरी तरह से रौशनी से नहा लेती है। लोग दीपक, मोमबत्‍ती, और बिजली की झालरों से अपने घरों को सजातें है। इस दिन आकलैंड की सरकार की तरफ से अवकाश होता है, साथ ही साथ सरकार द्वारा शहर के बीचों बीच एक मेले का आयोजन भी किया जाता है। जहां पर अलग-अलग हिस्‍सों से आये लोग भाग लेते है। बकौल नरेश इस आयोजन में लगभग 50 हजार लोग हिस्‍सा लेते है।

इसके अलावा घरों में विशेष प्रकार के मिठाईयां के बनाने का भी चलन वहां पर खूब है। यहां पर महिलाएं आज भी भारतीय संस्‍कृति को ध्‍यान में रखकर व्‍यंजन बनाती हैं। किसी भी पूजा-पाठ में विशेष स्‍थान और भगवान गणेश की पसंदीदा मिठाई लड्डू इस दिन जरूर बनाया जाता है। दीपावली का त्‍योहार पूरी दुनिया में धन, वैभव और लक्ष्‍मी के त्‍योहार के रूप में मनाया जाता है।

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