Chhath Puja 2025: छठी मईया की भक्ति में लीन भक्त, 36 घंटे का उपवास शुरू? कब दिया जाएगा पहला 'अर्घ्य'?
Chhath Puja 2025: लोकआस्था के पर्व छठ का आज दूसरा दिन है, जिसे कि खरना या लोहंडा कहा जाता है। इस वक्त बिहार समेत पूरा देश छठ की भक्ति में रमा हुआ है। आज गुड़-चावल की खीर-रोटी खाने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का व्रत निर्जला व्रत शुरू हो गय़ा है औैर अब ये व्रत मंगलवार को उगते सूरज को अर्ध्य देने के बाद ही खत्म होगा।
सोमवार को व्रत का तीसरा दिन है और इस दिन पहला अर्ध्य है जो कि डूबते सूरज को दिया जाएगा। drikpanchang.com के अनुसार, छठ पूजा के दौरान "अर्घ्य" का विशेष महत्व है, जिसका शाब्दिक अर्थ है अर्पित करना। भक्त उगते (उषा अर्घ्य) और डूबते (संध्या अर्घ्य) सूर्य को जल, दूध और फल चढ़ाते हैं।

यह सूर्य देव के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है, जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखते हैं और स्वास्थ्य, समृद्धि और ऊर्जा प्रदान करते हैं। वहीं अगले दिन सूर्योदय के समय दिया जाने वाला उषा अर्घ्य, नए दिन और दिव्य ऊर्जा के आगमन का उत्सव मनाता है।
27 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य (Chhath Puja 2025)
द्रिकपंचांग के अनुसार, 27 अक्टूबर को सूर्यास्त का समय शाम 5:40 बजे होगा और उसी समय संध्या अर्घ्य दिया जाएगा।
क्या करें (Chhath Puja 2025)
व्रत के दौरान पूर्ण पवित्रता और संयम बनाए रखें। सुबह-शाम सूर्य देव की आराधना और छठ गीतों को गाएं। मन-तन सब शुद् रखें।प्रसाद को अत्यंत स्वच्छता और श्रद्धा से तैयार करें। बांस के सूप (सूपा) में फल, ठेकुआ, गन्ना, नारियल आदि रखकर अर्घ्य दें और घर-परिवार के लिए सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
क्या न करें (Chhath Puja 2025)
व्रत के दौरान मांस, मछली, अंडा, प्याज-लहसुन का सेवन न करें। पूजा के स्थान पर अशुद्ध वस्तु या अपवित्र कपड़े न रखें।प्रसाद को किसी भी हालत में फर्श पर न रखें। किसी का अपमान या बुरा विचार न करें - छठ में मन की पवित्रता सबसे आवश्यक है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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