Chaturmas 2021: 117 दिन का होगा चातुर्मास, जानिए खास बातें
नई दिल्ली, 14 जुलाई। चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी 20 जुलाई से कार्तिक शुक्ल एकादशी 14 नवंबर 2021 तक रहेगा। कुल 117 दिन के चातुर्मास में जप, तप, दान-धर्म, मंत्र सिद्धि किए जाते हैं। चातुर्मास में संयमित जीवन जीने से अनेक प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म के साथ जैन और बौद्ध धर्मो में भी चातुर्मास का विशेष महत्व होता है। यह वर्षाकाल का समय होता है।

117 दिन का होगा चातुर्मास,
इस दौरान जैन और बौद्ध मुनि अपना विहार बंद कर एक स्थान पर मौन रहकर जप-तप करते हैं। वैज्ञानिक रूप से भी चातुर्मास विशेष होता है। क्योंकिवर्षाकाल में अनेक प्रकार के रोगजनित कीटाणु वातावरण में पनपते हैं। शरीर की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। पत्तेदार सब्जियों आदि में कीड़े पनपने लगते हैं जो रोगी बना सकते हैं। इसलिए इन दिनों में खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।

क्या करें चातुर्मास में
- चातुर्मास में संयमित जीवन जीना चाहिए। काम, क्रोध, लोभ, मोह से दूर रहते हुए ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए।
- चातुर्मास में देव पूजन, भागवत कथा पाठ और श्रवण, रामायण पाठ।
- अपने गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र का जाप या विशेष कामनाओं की पूर्ति के लिए मंत्र जप आदि किए जाते हैं।
- चामुर्मास प्रारंभ होने के बाद आषाढ़ माह के अंतिम पांच दिनों में भगवान वामन की पूजा करना चाहिए।
- इसके बाद श्रावण माह में भगवान शिव की उपासना विशेष फलदायी कही गई है।

मंत्रों का जाप करना चाहिए
- श्रावण के बाद भाद्रपद माह में भगवान गणेश और श्रीकृष्ण की पूजा, स्तोत्र, मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- आश्विन माह देव कार्य और पितृ कार्य के लिए विशेष होता है।
- इस माह में देवी की आराधना की जाती है।
- कार्तिक माह में भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
- कार्तिक माह में विष्णु भगवान को नित्य तुलसी पत्र अर्पित करना चाहिए।












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