Champa Shashti 2017: चंपा षष्ठी आज, जानिए पूजा का महत्व और विधि
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नई दिल्ली। आज चंपा षष्ठी है, जिसे कि बैंगन धठ पर्व भी कहा जाता है क्योंकि आज के दिन भगवान के शिवलिंग पर बैंगन और बाजरा का भोग लगाया जाता है। मुख्य रूप से ये पर्व महाराष्ट्र में बनाया जाता है, आज का दिन भगवान शिव के मार्तंडाय स्वरूप को समर्पित है। कहा जाता है कि आज के दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से भक्तों के सारे पाप कट जाते हैं, उनकी सारी परेशानियों पर विराम लग जाता है, यही नहीं उसे सुख-शांति मिलती भी है और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। माना जाता है कि जब भगवान् कार्तिकेय अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) और अनुज (छोटे भाई) श्री गणेश से नाराज़ होकर कैलाश पर्वत त्याग कर भगवान् शिव के ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन जाकर निवास करने लगे थे तब उस दौरान मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी के ही दिन भगवान् कार्तिकेय ने दैत्य तारकासुर का वध किया और इसी तिथि को वे देवताओं की सेना के सेनापति बने और भगवान शिव को खुश कर दिया था इसी कारण आज के दिन का बहुत महत्व है।
पूजा विधि...
- सबसे पहले स्नान आदि करके शिव का ध्यान करें।
- संभव हों तो मंदिर जाकर शिवलिंग की पूजा करें।
- उन्हें दूध से नहलाएं और फूल, अबीर, , बेल पत्र चढ़ाएं,देसी खांड का भोग लगाएं ।
कष्ट से मुक्ति
- अगर धन या गृह समस्या से ग्रसित हैं तो आज शिव मंदिर में तिल के तेल के 9 दीप जलाएं।
- संतान प्राप्ति के कार्तिकेय को खीर का भोग लगाकर गरीब बच्चों को बांट दें।
- हर तरह के कष्ट और रोगों से मुक्ति चाहते हैं तो आज भगवान शिव को नीला वस्त्र चढ़ाएं और बैंगन-बाजरा का भोग लगाकर गरीबों को बांट दें।












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