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Chaitra Navratri Day 5: आज है मां स्कंदमाता का दिन, जानें माता को कौन सा लगाएं भोग?

Chaitra Navratri Day 5: आज चैत्र नवरात्रि का 5वां दिन है, मां स्कंदमाता को नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा जाता है। ये देवी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। मां स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।

Maa Skandmata

Maa Skandmata Puja Muhurat: मां स्कंदमाता पूजा मुहूर्त 2026 (पंचमी तिथि)

  • तिथि: 23 मार्च 2026, सोमवार
  • अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 12:03 PM - 12:52 PM
  • प्रातःकालीन शुभ मुहूर्त: 06:40 AM - 07:52 AM
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 AM - 05:42 AM
  • पंचमी तिथि समाप्त: 23 मार्च, शाम 06:38 बजे

Maa Skandmata Puja Vidhi: मां स्कंदमाता पूजा विधि

सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।पूजा स्थान पर मां स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। गंगाजल से शुद्धिकरण करें। मां को पीले रंग के फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।धूप-दीप जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें। मां को केले का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है। अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

Maa Skandmata Bhog: मां स्कंदमाता को भोग क्या चढ़ाएं?

मां स्कंदमाता को केला अति प्रिय है। पूजा में केले का भोग लगाने से संतान सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। खीर, रबड़ी, मिष्ठान या दूध और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

Maa Skandmata Ki Aarti: मां स्कंदमाता की आरती

  • जय तेरी हो स्‍कंदमाता
  • पांचवा नाम तुम्हारा आता
  • सब के मन की जानन हारी
  • जग जननी सब की महतारी
  • तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं
  • हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं
  • कई नामों से तुझे पुकारा
  • मुझे एक है तेरा सहारा
  • कही पहाड़ों पर हैं डेरा
  • कई शहरों में तेरा बसेरा
  • हर मंदिर में तेरे नजारे
  • गुण गाये तेरे भगत प्यारे
  • भगति अपनी मुझे दिला दो
  • शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो
  • इंद्र आदी देवता मिल सारे
  • करे पुकार तुम्हारे द्वारे
  • दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं
  • तुम ही खंडा हाथ उठाएं
  • दासो को सदा बचाने आई
  • 'चमन' की आस पुजाने आई
  • स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
  • सबकी सुनती हो जगदंबे।
  • सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥
  • तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
  • पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
  • माँ के मन में ममता भारी।
  • क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
  • तेरे दर पर किया है डेरा।
  • दूर करो माँ संकट मेरा॥
  • मेरे कारज पूरे कर दो।
  • मेरे तुम भंडारे भर दो॥
  • तेरा दास तुझे ही ध्याए।
  • भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
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DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।

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