Chaitra Navratri 2022: आज है मां 'ब्रह्मचारिणी'का दिन, जाानिए पूजा का शुभ-मुहूर्त, मंत्र और आरती
नई दिल्ली, 03 अप्रैल। नवरात्रि के दूसरे दिन मां 'ब्रह्मचारिणी' की पूजा होती है। मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। मां के इस रूप को पूजने से व्यक्ति को तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है जो उसको जीवन में आगे ले जाने में मदद करते हैं।

जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
- कुलिक: 16:59:55 से 17:49:56 तक
- कंटक: 10:19:44 से 11:09:45 तक
- कालवेला / अर्द्धयाम: 11:59:47 से 12:49:48 तक
- यमघण्ट: 13:39:49 से 14:29:51 तक
- यमगण्ड: 12:24:48 से 13:58:35 तक
- गुलिक काल: 15:32:23 से 17:06:10 तक
- अभिजित मुहूर्त- 12:00 PM से 12:50 PM
- विजय मुहूर्त- 02:30 PM से 03:20 PM
- गोधूलि मुहूर्त- 06:27 PM से 06:51 PM
- सर्वार्थ सिद्धि योग- 06:09 AMसे 12:37 PM
- निशिता मुहूर्त- 12:01 AM अप्रैल 04 से 12:47AM
- विक्रमी संवत्: 2079
- मास पूर्णिमांत: चैत्र
- पक्ष: शुक्ल
- दिन: शनिवार
- ऋतु: वसंत
- तिथि: द्वितीया - 12:40:38 तक
- नक्षत्र: अश्विनी - 12:37:47 तक
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मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
आरती
- जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
- जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
- ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
- ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
- ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
- जिसको जपे सकल संसारा।
- जय गायत्री वेद की माता।
- जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
- कमी कोई रहने न पाए।
- कोई भी दुख सहने न पाए।
- उसकी विरति रहे ठिकाने।
- जो तेरी महिमा को जाने।
- रुद्राक्ष की माला ले कर।
- जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
- आलस छोड़ करे गुणगाना।
- मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
- ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
- पूर्ण करो सब मेरे काम।
- भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
- रखना लाज मेरी महतारी।












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