Bhaumvati Amavasya 2020: भौमवती अमावस्या 24 मार्च को, धन की कमी दूर करने वाला खास दिन

नई दिल्ली। अमावस्या हर माह आती है, लेकिन यदि शनिवार, सोमवार या मंगलवार के दिन अमावस्या आए तो उसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। शनिवार को आने वाली अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या, सोमवार को आए तो सोमवती अमावस्या और मंगलवार को आए तो भौमवती अमावस्या कहा जाता है। अलग-अलग दिन आने के कारण अमावस्या का महत्व अलग-अलग होता है। इस बार 24 मार्च 2020 को मंगलवार के दिन अमावस्या आने से भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग बना है।

धन और कर्ज मुक्ति का देवता है मंगल

धन और कर्ज मुक्ति का देवता है मंगल

मंगल को धन और कर्ज मुक्ति का देवता माना जाता है। इसलिए जो लोग धन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं उनके लिए भौमवती अमावस्या खास महत्व रखती है। भौमवती अमावस्या के दिन धन की कमी दूर करने के अनेक उपाय किए जाते हैं। कुछ विशेष पूजा की जाती है, जिनसे न केवल धन की कमी दूर होती है, बल्कि इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है और शनि के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।

 ये करें उपाय

ये करें उपाय

  • अमावस्या का दिन शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव दूर करने वाला दिन होता है। जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती चल रही है। या शनि का लघुकल्याणी ढैया चल रहा है। वे इस दिन किसी शनि मंदिर में काले तिल और तेल अर्पित करे। सरसो के तेल के सात दीपक जलाकर आएं। शनि दोषों का प्रभाव कम होता है।
  • पितृदोष दूर करने के लिए भौमवती अमावस्या के दिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में शुद्ध ताजा जल भर लें। इसमें थोड़े से साबुत चावल मिला दें। लाल रंग का फूल डाल दें। इसे ऊं सर्वेभ्यो पितरेभ्यो नमः मंत्र का जाप करते हुए सूर्यदेव को अर्पित करें।
  • इस दिन स्नान से पहले तिल और आंवले का उबटन पूरे शरीर पर लगाएं। इससे अनेक ग्रहों के दोष दूर होते हैं निरोगी शरीर की प्राप्ति होती है। इस दिन स्नान के पानी में गंगा आदि पवित्र नदियों का जल मिला लेना चाहिए।
  • समस्त संकटों का नाश करने, आयु और आरोग्य की प्राप्ति के लिए शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध और काले तिल मिलाकर करें। 108 बार ऊं नमः शिवाय मंत्र जप करें। अपनी कामना कहें।
  • इस दिन मछलियों, चीटियों, पक्षियों को दाना डालें। गाय को चारा खिलाएं इससे पितृदोषों से मुक्ति मिलती है।
नारियल पर मौली को 11 फेरे लपेटें...

नारियल पर मौली को 11 फेरे लपेटें...

  • धन की कमी दूर करने के लिए भौमवती अमावस्या के दिन एक नारियल पर मौली को 11 फेरे लपेटें। हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक लगाएं और यह नारियल वहां भेंट करें। मंदिर में ही बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। गुड़ चने का भोग लगाएं और अपनी परेशानी कहें।
  • पीपल के पत्ते पर केसर, कुमकुम मिलाकर घोल बनाएं और श्रीराम लिखें। शाम को हनुमान मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ें। इस पत्ते को घर ले आएं। चांदी के ताबीज में भरकर रख लें। इसे अगले मंगलवार पूजन कर बांध लें। नजर दोष दूर होते हैं।
  • भौमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में मीठा दूध अर्पित करें। शाम को लक्ष्मी माता के नाम से पीपल के पास दीपक लगाएं। वहीं बैठकर 11 बार श्रीसूक्त का पाठ करें। आर्थिक संकट दूर होंगे।

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