Benefits Of Barley: जानिए 'जौ' के असरकारक उपाय
लखनऊ। संस्कृत में जौ को यव कहते है। इसकी खेती भारत के अलावा रूस, अमेरिका, कनाडा व जर्मनी में व्यापक रूप में की जाती है। हिन्दू धर्म में जौ का अधिक महत्व है। यह धार्मिक अनुष्ठानों, विवाह, नया अन्न खाने की परम्परा व मृत्यु के बाद होने वाले कर्मकाण्ड बिना जौ के पूरे नहीं होते है। इस अनाज में विटामिन सी होता है। इसे गेंहूॅ के साथ खाया जाता है। इसमें 2/3 कार्बोहाइड्रेट, 1/10 प्रोटीन होता है। जौ शीतलता, मासवृद्धि, तंत्रिका तन्त्र में वृद्धि करने वाला अनाज है। आईये जानते है जौ के और क्या-क्या उपयोग है।

अगर आप ऋण से परेशान है तो...
- ऋण से मुक्ति-अगर आप ऋण से परेशान है तो रात को सोते समय पलंग के नीचे सिरहाने की तरफ थोड़े जौ रखकर सुबह पक्षियों को खिलायें व गरीबों को भी जौ दान करें। ऐसा करने से आपको ऋण से मुक्ति मिल जायेगी।
- दुबर्लता दूर करने के लिए-रात को जौ भिगोकर फिर उसे सुखाकर कूटकर छिलका उतार कर बचे हुये जौ की खीर खाने से दुर्बलता दूर हो जाती है।
- मृत्यु तुल्य कष्ट-यदि आप काफी समय से रोग से परेशान है और डाक्टरों को दिखाने के बाद भी आराम नहीं मिलता है तो अपने वजन के बराबर जौ लेकर अपने उपर से 7 बार उतार कर बहते हुये पानी में बहा देंने से आप जल्दी ही स्वस्थ्य होने लगते है।
- दमा रोग में-जौ की राख में मिश्री मिलाकर गर्म पानी पीने से दमा रोग में आराम मिलता है।

यदि आप काफी समय से रोग से परेशान है तो....

चाण्डाल योग
यदि कुण्डली में चाण्डाल योग हो तो 43 दिनों तक जौ को दूध में धोकर पानी में बहा देने से चाण्डाल योग के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।

मंगल की अशुभता के लिए
यदि आपकी कुण्डली में मंगल ग्रह पीड़ित होकर अशुभ फल दे रहा है तो सवा किलो जौ दूध से धोकर घर के दक्षिण दिशा वाले कमरे में जिसमें अॅधेरा रहता हो और आना-जाना कम हो, उस कमरे एक कपड़े में जौ को बाॅधकर किसी भारी वस्तु के नीचे दबा दें। ये उपाय करने से मंगल ग्रह की अशुभता दूर हो जाती है और वह शुभ फल देने लगता है।












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