Adhik Maas 2023: आज से मलमास? इसमें क्या करें और क्या ना करें?
Adhik Maas 2023 : शिव का प्रिय महीना सावन इस बार अधिकमास होने की वजह से पूरे दो महीने का है। सावन का महीना तो 31 अगस्त तक चलेगा लेकिन अधिकमास आज से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगा और इसी कारण सावन की समय सीमा बढ़ गई है। आपको बता दें कि अधिकमास में भगवान विष्णु, शिव जी और हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है।

भगवान विष्णु की खास पूजा होने की वजह से ही इसे मलमास और पुरुषोत्तममास भी कहा जाता है। इस दौरान मांगलिक काम नहीं होते हैं लेकिन ये महीना पूजा-पाठ और ध्यान के लिए होता है। इस मास में जगह-जगह विष्णु पुराण या भागवत गीता का पाठ किया जाता है। पहले इसी महीने को खरमास कहा जाता था, जिसे बुरे महीने में गिना जाता था लेकिन जब से भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम दिया तब से ही ये मलमास के नाम से पुकारा जाने लगा।
क्या करें
- ध्यान और योग में मन लगाएं।
- व्रत रखें।
- भगवान विष्णु का ध्यान रखें।
- गरीबों को दान दें।
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
- भजन-कीर्तन में मन लगाएं।
क्या ना करें
- मांगलिक कार्य नहीं होते।
- मांगलिक कार्यों के लिए शॉपिंग भी नहीं होती।
- कोई नया काम ना शुरु करें।
- नया बिजनेस या नई नौकरी ज्वाइन ना करें।
- मुंडन नहीं होता।
- नए वाहन नहीं खरीदे जाते।
- गृह प्रवेश नहीं होता है।
इन मंत्रों का करें जाप
- गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
- गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।
- ओम नमो भगवते वासुदेवाय।
- ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
॥ विष्णु शान्ताकारं मंत्र ॥
- शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
- विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
- लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।
- वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।
- यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: ।
- सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: ।
- ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
- यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम: ॥












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