मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक : देश का पहला राज्य होगा, जिसमें जलाशयों से गाद निकालने के लिए टेंडर होंगे
भोपाल, 20 जुलाई। मध्य प्रदेश में नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति निजी, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम या आयोग की भूमि पर स्थापित मोबाइल टॉवर का नियमितीकरण किया जाएगा। इसके लिए इन्हें समझौता शुल्क देना होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में नीति को मंजूरी दी गई। वहीं, जलाशयों से गाद (सिल्ट) निकालने के प्रस्ताव को भी अनुमति दी गई।

मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जिसमें जलाशयों से गाद निकालने के लिए टेंडर होंगे। इससे पांच लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और रेत से तीन सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। बैठक में बीना रिफायनरी में शासन की अंशपूंजी को मेसर्स भारत ओमान रिफायनरी द्वारा क्रय करने संबंधी प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई।
राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में बिना अनुमति लगे मोबाइल टॉवर को नियमित करने का अभी कोई प्रविधान नहीं था। एक ही विकल्प था कि इन्हें हटा दिया जाए पर इससे नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ सकता था। इसके मद्देनजर तय किया गया है कि इनका नियमितिकरण किया जाएगा।
इसके लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में प्रति स्थान 50 हजार रुपये, अन्य नगर निगम क्षेत्रों में 40 हजार रुपये, नगर पालिका परिषद में 35 हजार रुपये, नगर परिषद में 30 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टॉवर के लिए 20 हजार रुपये समझौता शुल्क देना होगा। इसके साथ ही बीना रिफायनरी में शासन की अंशपूंजी को मेसर्स भारत ओमान रिफायनरी द्वारा क्रय करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई।
केंद्र सरकार ने कंपनी में सभी शेयरधारिता को विनिवेश करने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वह भी सहयोग प्रदान करे। इसके मद्देनजर तय किया है कि कंपनी को वैट लोन की राशि दो हजार 227 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान 6.70 प्रतिशत की छूट के साथ किया जाए।
चार जलाशयों से पहले निकाली जाएगी गाद
बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश के 28 जलाशयों से गाद निकाली जाएगी। पहले चरण में रानी अवंती बाई सागर, बाणसागर, इंदिरा सागर और तवा बांध से गाद (सिल्ट) निकाली जाएगी। गाद किसानों को निश्शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। वहीं, जलाशयों का जीवनकाल भी बढ़ेगा। गाद से रेत को अलग किया जाएगा, जिसे ठेकेदार बेचेंगे। ठेका 15 साल के लिए होगा, जिसे पांच साल बढ़ाया जा सकेगा। इससे सरकार को करीब तीन सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा।
सभी थानों में सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम होगा लागू
बैठक में सभी थानों में नया सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम स्थापित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में अभी 859 थानों में सीसीटीवी सिस्टम है। 258 नए थानों, पांच सौ पुलिस चौकियों और 42 महिला थानों में नया सिस्टम स्थापित किया जाएगा। जिला स्तर पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कंट्रोल सिस्टम स्थापित करने के लिए 66 करोड़ रुपये से अधिक का प्रविधान किया है। वहीं, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट की सेवा आदि के लिए 28 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।












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