मुंबई में सिंगर राहुल देशपांडे के चैरिटी कॉन्सर्ट के साथ होगी काला घोड़ा महोत्सव की शुरुआत
Kala Ghoda Mahotsav 2024: मुंबई के सबसे बड़े फेस्टिवल काला घोड़ा की शुरुआत से पहले एक विशेष चैरिटी कॉन्सर्ट का आयोजन होगा। इस आयोजन में नेशनल अवार्ड विजेता और क्लासिकल सिंगर राहुल देशपांडे अपनी जादुई आवाज का जादू बिखेरेंगे। ऐसे में उनके फैंस को अपने चहेते सिंगर के संगीत कार्यक्रम में शामिल होने का शानदार मौका मिल रहा है।
कला, संस्कृति और समुदाय के 25 वर्षों का जश्न मनाने के लिए, काला घोड़ा एसोसिएशन और काला घोड़ा कला महोत्सव ने छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) और नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) के साथ मिलकर इस कॉन्सर्ट का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम रविवार, 29 सितंबर 2024 को शाम 6:00 बजे जमशेद भाभा थिएटर, NCPA में होगा।

क्या है इसका उदृेश्य
इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य दक्षिण मुंबई परिसर की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करना है। काला घोड़ा एसोसिएशन की अध्यक्ष बृंदा मिलर ने कहा, "हम काला घोड़ा कला महोत्सव के 25वें संस्करण की शुरुआत कर रहे हैं और मुंबई के दिल में कला और समुदाय का जश्न मनाने की अपनी यात्रा को जारी रखने के लिए रोमांचित हैं।" उन्होंने आगे कहा कि यह कॉन्सर्ट लोगों के सहयोग से फंड इकट्ठा करने का एक प्रयास है जिससे हमारी ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहर की रक्षा हो सके।
राहुल देशपांडे पुणे, भारत के एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत गायक हैं। वे पटियाला घराने के सुप्रसिद्ध स्वर्गीय डॉ. वसंतराव देशपांडे के पोते हैं। उनका यह कलेक्टिव चैरिटी फंडरेजर कॉन्सर्ट भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्धि का उत्सव मनाएगा।
प्राचीन विश्व गैलरी परियोजना
इस वर्ष, CSMVS प्राचीन विश्व गैलरी परियोजना का भी जश्न मना रहा है। यह संगीत कार्यक्रम CSMVS संग्रहालय में "प्राचीन मूर्तियां" नामक प्रदर्शनी के समापन समारोह के रूप में कार्य करेगा।
एशिया का सबसे बड़ा बहु-विषयक स्ट्रीट आर्ट फेस्टिवल, प्रतिष्ठित काला घोड़ा कला महोत्सव (KGAF) अपने महत्वपूर्ण 25वें रजत जयंती संस्करण की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। यह उत्सव 25 जनवरी से 2 फरवरी 2025 तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार है और रचनात्मकता, नवाचार, स्थिरता और समावेशिता का एक जीवंत प्रदर्शन होने का वादा करता है।
कला प्रेमियों का वार्षिक उत्सव
दक्षिण मुंबई में स्थित काला घोड़ा परिसर में इस एसोसिएशन का उद्देश्य सभी के लिए कला को बढ़ावा देना, संरक्षित करना और फैलाना है। 1999 में एक स्थानीय कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ यह उत्सव अब भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले त्यौहारों में से एक बन गया है, जो लाखों आगंतुकों को आकर्षित करता है।
14 वर्टिकल में 300 से अधिक कार्यक्रमों के साथ, यह उत्सव परिसर में 25 से अधिक स्थानों को एक साथ लाता है। पिछले 24 वर्षों से, यह उत्सव कला प्रेमियों, कलाकारों और जिज्ञासु मन वालों के कैलेंडर पर एक वार्षिक परंपरा रही है जहां वे कलात्मक अभिव्यक्तियों की एक समृद्ध श्रृंखला में डुबकी लगा सकते हैं। उत्सव के वर्टिकल में दृश्य कला, नृत्य, संगीत, रंगमंच, साहित्य, सिनेमा आदि शामिल हैं।












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