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सबसे सुरक्षित सफर कराती हैं गुजरात की ST बसें, परिवहन मंत्री से दिल्ली में आज मिलेगा अवार्ड

गांधीनगर/दिल्ली। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की बसें यात्रियों को सबसे सुरक्षित सफर कराती हैं। निगम का दावा है कि, इस मामले में उनकी बसें देशभर में अव्वल रहीं। उदाहरण के लिए, 1 लाख किलोमीटर पर होने वाली दुर्घटना में सबसे कम महज 0.06 फीसदी की दर गुजरात एसटी बसों की है। ऐसा भी तब जबकि, गुजरात-एसटी की बसें रोजाना करीब 35 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं। इतना ही नहीं, हर रोज करीब 25 लाख यात्री इन बसों में सफर करते हैं।

GSRTC- Gujarat ST bus service honored by Transport Minister’s Road Safety Award

अब भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एसोसिएशन ऑफ स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की ओर से गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) को लगातार तीसरी बार सम्मानित किया जा रहा है। एक पोर्टल की रिपोर्ट में बताया गया कि, केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी देश की राजधानी नई दिल्ली में गुजरात एसटी निगम को विजेता ट्रॉफी के साथ 2 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसके लिए यहां 18 जनवरी, सोमवार के दिन विशेष समारोह आयोजित हो रहा है।

GSRTC- Gujarat ST bus service honored by Transport Minister’s Road Safety Award

गुजरात एसटी निगम की ओर से बताया गया कि, उन्हें 7500 फ्लीट की सर्विस कैटेगरी में प्रति 1 लाख किलोमीटर पर सुरक्षित और सलामत तथा न्यूनतम दुर्घटना के साथ बस सुविधा प्रदान करने पर वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए यह अवार्ड दिया गया है। इससे पहले गुजरात एसटी निगम को 2018-19 का ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर्स रोड सेफ्टी अवार्ड भी मिल चुका है। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार के रहते गुजरात की गौरव गाथा में एक और अध्याय जुड़ गया है।

मुख्यमंत्री बोले- जनसेवा का साधन है एसटी
गुजरात एसटी ​बसों के संदर्भ में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का कहना है कि, एसटी जनता की सेवा का साधन हैं, न कि मुनाफा कमाने का जरिया।" मुख्यमंत्री यह भी कह चुके हैं कि एसटी सेवाओं का मकसद खुद नुकसान उठाकर भी राज्य के आम लोगों और दूरदराज के गांवों में रहने वाले व्यक्तियों को अच्छी और सस्ती परिवहन सेवा देना है। उन्होंने नई साल के मौके पर कहा था, "गुजरात एसटी निगम के प्रतिदिन 45 हजार से अधिक फेरों के संचालन में से 30 हजार से अधिक फेरे गांव में लगाए जाते हैं और प्रत्येक गांव को कम से कम दो फेरे रोजाना मिले, ऐसा आयोजन किया गया है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "एसटी जनता की सेवा का साधन है और छात्रों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगों को कंसेशन सेवा देने के साथ ही गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को विवाह जैसे अवसरों पर राहत दर पर बस मुहैया कराने की सहूलियत जन सेवा का श्रेष्ठ विकल्प बनी है।"

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