Dubai के शेख क्यों भारतीयों को नौकरी पर रखना पसंद? Burj Khalifa बनाने वाले Mohamed Alabbar ने खोला राज!
Dubai Burj Khalifa Mohamed Alabbar Interviwe: दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा और दुबई मॉल के मास्टरमाइंड, ईमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक मोहम्मद अलाब्बार ने एक बार फिर भारतीय कर्मचारियों की तारीफों के पुल बांध दिए हैं। अबू धाबी में आयोजित 'मेक इट इन द एमिरेट्स' समिट में बोलते हुए अलाब्बार ने साफ कहा कि मुझे भारतीयों को जॉब देना इसलिए पसंद है, क्योंकि वे रात के 1 बजे भी फोन उठा लेते हैं।
अलाब्बार ने आगे कहा कि जितनी ज्यादा मेहनत करेंगे, उतनी ज्यादा किस्मत साथ देगी। एक कहावत है, जब प्रतिभा मेहनत नहीं करती, तो मेहनत उसे हरा देती है। यही वजह है कि मैं भारतीयों को प्राथमिकता देता हूं।

Who Is Mohamed Alabbar: कौन हैं मोहम्मद अलाब्बार?
- ईमार प्रॉपर्टीज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर।
- बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल समेत दुबई की कई आइकॉनिक इमारतों के वास्तुकार।
- फोर्ब्स के अनुसार कुल संपत्ति 2.9 अरब डॉलर (2026)।
- कारोबार 18 देशों में फैला, रियल एस्टेट, होटल, रिटेल, ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी।
- 90 से ज्यादा होटल-रेस्तरां उनके पास, जिनमें 'एड्रेस होटल्स' ब्रांड शामिल।
Mohamed Alabbar का भारतीय कर्मचारियों पर पूरा भरोसा
समिट में अलाब्बार ने अपनी सफलता का राज भी बताया कि मेरा आईक्यू औसत है, लेकिन मेरी मेहनत सबसे बेहतर है। उन्होंने जोर दिया कि सफलता सिर्फ बुद्धिमत्ता से नहीं, बल्कि अनुशासन, निरंतर मेहनत और स्मार्ट वर्क से आती है।
भारतीय कर्मचारियों की खासियत बताते हुए उन्होंने कहा:
- काम के प्रति अटूट समर्पण।
- समय की कोई परवाह नहीं, जरूरत पड़ी तो रात-दिन काम।
- केवल लंबे घंटे नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क: हर मौके को समझना, सही समय पर जोखिम लेना और टीम पर नजर रखना।
- 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस और कोविड-19 जैसी महामारी में भी कंपनियां पहले से तैयार रहें, तभी टिक पाती हैं।
क्यों खास है यह बयान?
यह तारीफ महज एक बिजनेसमैन का बयान नहीं। यह भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी का आईना है। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रोफेशनल्स रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, आईटी, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर को चला रहे हैं। अलाब्बार जैसे ग्लोबल लीडर्स का यह खुला समर्थन भारतीय वर्कफोर्स की वैश्विक छवि को और मजबूत करता है, मेहनती, विश्वसनीय और हमेशा उपलब्ध।
सोशल मीडिया पर बयान वायरल हो गया। कई भारतीयों ने इसे गर्व का विषय बताया, जबकि कुछ ने वर्क-लाइफ बैलेंस पर सवाल भी उठाए। लेकिन अलाब्बार का मैसेज साफ है: मेहनत ही वो हथियार है जो प्रतिभा को भी पीछे छोड़ देती है।
दुबई को ग्लोबल ब्रांड बनाने वाले शेख का यह बयान सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए बड़ा संदेश है। UAE में भारतीयों की बढ़ती भूमिका न सिर्फ आर्थिक, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाती है। अलाब्बार जैसे विजनरी लीडर्स का भरोसा साबित करता है कि भारतीय मेहनत अब दुनिया की सबसे मूल्यवान संपत्ति बन चुकी है।













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