कोरोना वायरस: CM पुष्कर धामी ने दिया जुलाई तक तीसरी लहर की तैयारी पूरी करने का अल्टीमेटम

देहरादून, 09 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी जुलाई तक पूरी कर लें। वह सचिवालय में कोविड से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड से बचाव में टीकाकरण जरूरी है। इसके साथ ही टेस्टिंग पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त वैक्सीन की व्यवस्था के लिए वे केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे।

CM Pushkar Singh

मुख्यमंत्री ने सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में पर्याप्त संख्या में आक्सीजन, आईसीयू, वेंटिलेटर तथा बच्चों के अलग से वार्ड बनाए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जुलाई अंत तक सुनिश्चित कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने उपलब्ध कराए गए उपकरणों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोविड से बचाव के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया गया है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता है। वैक्सीनेशन में राज्य का देश में 5वां स्थान है।

उन्होंने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डाक्टरों के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ को इससे बचाव के लिए प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना के प्रसार में काफी कमी आई है। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डे आदि उपस्थित थे।

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पांच जिलों में स्थापित होंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट
प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए पांच जिलों में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा प्रसव केंद्रों और एफआरयू में एएनएम और स्टाफ नर्सों की तैनाती की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रसव केंद्रों व एफआरयू में आवश्यक चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए दो करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में उत्तरकाशी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव, पौड़ी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैंण, टिहरी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड, ऊधमसिंह नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खटीमा और हरिद्वार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर में एफआरयू स्थापित किए जाएंगे। इन एफआरयू में स्त्री रोग, बाल रोग और एनेस्थिसिया की तैनाती की जाएगी।

पर्वतीय क्षेत्रों में जिस प्रसव केंद्र की आबादी तीन हजार और मैदानी क्षेत्रों में पांच हजार से अधिक है। वहां पर एक एएनएम की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। इसके अलावा अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी जिले में 56 प्रसव केंद्रों पर 11 एफआयू में स्टाफ नर्सों की तैनाती की जाएगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष में एनएचएम में पांच जिलों में नए एफआरयू स्थापित किए जाएंगे। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में तीन हजार और मैदानी क्षेत्रों में पांच हजार से अधिक आबादी वाले प्रसव केंद्रों पर अतिरिक्त एएनएम और स्टाफ नर्स रखे जाएंगे। प्रसव केंद्रों व एफआयू में चिकित्सा उपकरणों के लिए दो करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

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