ग्वालियर में सिविल एयरपोर्ट की संभावनाएं हुईं तेज, सीएम ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री सिंधिया से की मांग
ग्वालियर, 13 जुलाई। ग्वालियर में सिविल एयरपोर्ट की संभावनाएं अब तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खुद केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिलकर ग्वालियर में सिविल एयरपोर्ट की मांग की है। अब जल्द इस प्रोजेक्ट को लेकर डीपीआर तैयार हो सकती है। स्थानीय अफसर भी निर्देश के इंतजार में हैं।

ज्ञात रहे कि ग्वालियर में सिविल एयरपोर्ट की मांग काफी सालों से है,इसको लेकर प्रयास भी हुए, लेकिन धरातल पर प्रोजेक्ट नहीं उतर सका। यहां महाराजपुरा स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल स्थित है, लेकिन सीमित हवाई सेवा और कम स्टाफ के कारण सिविल एयरपोर्ट की जरूरतें पूरी नहीं कर सकता है। यहां नाइट आपरेशन तक नहीं है।
दिल्ली और भोपाल के बीच में होने के कारण पर्यटन और कारोबार-रोजगार के लिहाज से यहां ज्यादा संभावनाएं हैं। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की काउंटर मैग्नेट सिटी में नए सिविल एयरपोर्ट के प्रस्ताव की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे इस प्रस्ताव में गति आई और खुद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस प्रोजेक्ट में रूचि ली। सिविल एयरपोर्ट के साथ-साथ मेंटनेेंस हब और हैंगर बनाने के प्रस्ताव को भी शामिल किया गया। मैग्नेट सिटी के ग्राम सुजवाया और मालीपुरा में 600 हेक्टेयर में एयरपोर्ट प्रस्तावित किया गया।
वर्ष 2015 में एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया की टीम ने यहां विजिट करके फिजिबल स्टडी की, जिसकी सकारात्मक रिपोर्ट आई। नागपुर से विंड रिपोर्ट भी ओके आई है। एयरपोर्ट का बजट पहले 800 करोड था। जिसे बढाकर 1500 करोड़ कर दिया गया। इसमें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की तर्ज भी शामिल की गई। वाइल्ड लाइफ एनओसी मिली, पर रक्षा विभाग से मिलना बाकी है। इसी कारण प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।












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