सीएनजी-पीएनजी न होने पर हरियाणा के 8 जिलों में उद्योगों को केंद्र सरकार से तोहफा
चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली दौरे पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से विकास कार्यों पर चर्चा की. हरियाणा भवन में हुई बैठक के बाद सीएम ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत हरियाणा के 8 जिला क्षेत्रों, जहां अभी तक सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी की पाइप लाइन नहीं पहुंची है, वहां केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय उद्योगों को पर्यावरणीय एनओसी प्रदान किए जाने में दी जा रही छूट अभी जारी रहेगी.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब औद्योगिक इकाइयों में अब कोयला व अन्य परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के स्थान पर सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी का उपयोग किया जाएगा, लेकिन हरियाणा के 8 जिलों में अभी तक सीएनजी, पीएनजी व एलपीजी की आपूर्ति पाइप लाइन पहुंच नहीं सकी है. यहां पाइपलाइन डालने का काम अभी चल रहा है.
ऐसे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा इन 8 जिलों के उद्योगों को पर्यावरणीय अनापत्ति पत्र देने में दी जा रही छूट अभी जारी रहेगी. इसके अलावा प्रदेश में काफी लंबे समय से स्थापित विभिन्न 15 फार्मेल्डिहाइड औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय अनापत्ति भी शीघ्र प्रदान कर दी जाएंगी.
मनोहर लाल ने कहा कि यमुनानगर में 2006 से पुरानी उद्योग यूनिट को PNG और CNG के बिना जारी रखा जाएगा. यमुनानगर में 17 यूनिट को बंद कर दिया गया था. हमने क्लीयरेंस की मांग की है जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया है.

रेल मंत्री से मुलाकात पर बोले
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की. मनोहर लाल ने ट्वीट कर बताया कि रेल मंत्री से प्रदेश में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा की. केंद्र सरकार ने पश्चिमी यमुना नहर के साथ बनने वाले करनाल-यमुनानगर रेलमार्ग और कैथल के एलिवेटिड रेलवे ट्रैक को स्वीकृति प्रदान कर दी है.
किसानों के झगड़े पर दी प्रतिक्रिया
जब मुख्यमंत्री से टिकरी बॉर्डर पर किसानों के झगडे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी आप लोगों से मिल रही है. किसान आंदोलन में तमाम तरह की ताकतें काम कर रही हैं. इसके पीछे कुछ खालिस्तानी ताकतें भी हैं.












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