हरियाणा के इस शहर में जापानी कंपनी ने 10 केएलडी एसटीपी लगाया, CM खट्टर ने किया शुभारंभ
फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद में जापानी कंपनी ने 10 केएलडी एसटीपी लगाया है। जिसका मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुभारंभ किया। जनसंपर्क एवं सूचना विभाग की ओर से बताया गया कि, इस सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 21 लाख रुपये की लागत आई। यह प्लांट हरियाणा प्रदेश में पहला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है जो डायकी एक्सिस के सहयोग से लगाया गया है।
वीडियो कान्फ्रेंसिग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जापान के मिनिस्टर ऑफ इकॉनोमिक डिवीजन एम्बेसी शिगो मियामोटो, जापानी पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक याशुओ यामानमोटो, जापान इकोनॉमी एंड इन्वायरनमेंट सेक्रेटरी यूकी योशिडा, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र सिंह, डायकी एक्सिस कंपनी के निदेशक रियोवाजा, एडवाइजर केसी पांडे, उपायुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ व अतिरिक्त उपायुक्त कम डीएमसी डा. मुनीष नागपाल व नप कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साक्षी बने।

एक अधिकारी ने कहा कि, प्रदेश के फतेहाबाद में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पपीहा पार्क में जापानी कंपनी डायकी एक्सिस के सहयोग से स्थापित किए गए 10 केएलडी एसटीपी प्लांट का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पपीहा पार्क में स्थापित 10 केएलडी एसटीपी प्लांट का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए फतेहाबाद के नागरिकों व जिला के उपायुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश सरकार जल संरक्षण व पानी के पुन: उपयोग अभियान में इसका अध्ययन करके प्रदेश भर में इस प्रकार के प्रोजेक्ट लगाने पर विचार करेगी। आज पूरी दुनिया में पानी चिता का विषय बना हुआ है। पानी की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। बढ़ती आबादी, उद्योगों के दबाव के कारण पानी की आवश्यकता बढ़ रही है, परंतु उपलब्ध पानी वहीं सीमित मात्रा में है। हमें पानी की कमी को पूरा करने के लिए इस प्रकार के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर विचार करना होगा। पानी का उपयोग पीने व सिचाई में उपयोग हो, इसके लिए हमें हल निकालने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए बहुत सी योजनाएं बनाई है। अलग-अलग तकनीक पर प्रदेश में काम हो रहा है। फतेहाबाद में स्थापित किया गया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एक नया प्रोजेक्ट है और इसमें नई तकनीक इस्तेमाल की गई है, जिसका हम भविष्य में लाभ उठाएंगे।
रि-यूज वाटर का रखा लक्ष्य
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश सरकार पानी के पुन: उपयोग (रि-यूज वाटर) का 25 प्रतिशत लक्ष्य रखा है। जिसमें बागवानी, उद्योगों, थर्मल प्लांटों में यह योजना कारगर हो रही है। अगले वर्ष के लिए सरकार ने लक्ष्य को बढ़ा दिया है और 60 प्रतिशत वाटर रियूज किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने बजट के लिए व्यवस्था भी की है। पानी के महत्व को समझते हुए प्रदेश सरकार सजग है। उन्होंने उम्मीद और विश्वास जताया कि जापानी कंपनी के साथ हम अपने लक्ष्य को बढ़ाएंगे और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने जापानी कंपनी को इस प्रकार के कार्यों के लिए हरसंभव सहायता देने को कहा।
इस पानी को पार्को के लिए किया जाएगा प्रयोग
शहर के कुछ सीवरेज लाइनों को इस ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा गया है। यहां पर गंदा पानी आ रहा है और शुद्ध भी हो रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पाइप लाइन भी डाल दी है। अब इस पानी का प्रयोग पार्कों के पौधों के लिए किया जाएगा। पौधों के लिए पानी की जरूरत होती है। ऐसे में पानी की बजत भी होगी।












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