Jaipur Literature Festival Day 5: पॉप आइकन ऊषा उत्थुप समेत ये हस्तियां साझा करेंगी अनकही बातें
नई दिल्ली। दिग्गज लेखकों, कथाकारों, साहित्यकारों के संगम का प्रतीक 'जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल' का 15वां सीजन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। कार्यक्रम के पांचवे दिन भारत की मशहूर पॉप आइकन ऊषा उत्थुप अपने जीवन के संघर्ष और सफलता तक की जर्नी को अन्य मेहमानों के साथ साझा करेंगी। वहीं, इस मौके पर अफगान-कनाडाई गायिका, मीडिया हस्ती और महिला अधिकार कार्यकर्ता मोजदाह जमलजादा सहित कई अन्य हस्तियां व्यावहारिक चर्चा में भाग लेंगी। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2022 में देश-दुनिया से आए लोग भाग ले रहे हैं।

सुरों की मल्लिका ऊषा उत्थुप और उनकी बेटी सृष्टि झा संगीतकार और लेखक विद्या शाह के साथ गीतकार की जीवनी 'द क्वीन ऑफ इंडियन पॉप: द ऑथराइज्ड बायोग्राफी ऑफ ऊषा उत्थुप' के बारे में चर्चा करेंगे। इस किताब में ऊषा उत्थुप के संघर्ष से लेकर उनकी सफलता तक की कहानी का जिक्र किया गया है। कार्यक्रम में खुद ऊषा उत्थुप अपनी किताब पर प्रकाश डालेंगी और अनकही बातों पर चर्चा करेंगी।
महिलाओं के अधिकारों, प्रासंगिक विषयों और वर्जनाओं पर निर्भीकता से बोलने वालीं अफगान-कनाडाई सिंगर, मीडिया हस्ती और महिला अधिकार कार्यकर्ता मोजदाह जमलजादा, अपनी जीवनी 'वॉयस ऑफ रिबेलियन: हाउ मोजदाह जमलजादा होप टू अफगानिस्तान बाई रॉबर्टा स्टेली विथ जर्नलिस्ट ज्योति मल्होत्रा' के बारे में बात करेंगी।
अपनी पीढ़ी के लोगों के बीच एक शक्तिशाली आवाज होने के नाते मोजदाह जमलजादा के जीवन में दुनिया को बताने के लिए बहुत सारी कहानियां हैं और इस कार्यक्रम में हुई बातचीत उनके जीवन और किताब के बारे में जानकारी देंगी। उनके अलावा ब्रिटिश लेखिका मोनिका अली, जिनके पहले उपन्यास 'ब्रिक लेन' को बुकर पुरस्कार के लिए चुना गया है, बी रोलेट के साथ बातचीत में शामिल होंगी। इस मौके पर वो 'हम कौन हैं और हम आज के ब्रिटेन में कैसे प्यार करते हैं' पर बात करेंगे।
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कैसा रहा तीसरा और चौथा दिन ?
चौथे दिन जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 15वां संस्करण अपने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर सामने आया। दिन की शुरुआत श्रीनगर, कश्मीर के प्रतिभाशाली गायक-गीतकारों, अली सफुद्दीन और नूर मोहम्मद द्वारा सूफी संगीत के शांत स्वर के साथ हुई। दोनों दर्शकों को एक ऐसा अनूठा अनुभव देने के लिए एक साथ आए, जो पहले कभी नहीं देखा गया था। चौथे दिन कार्यक्रम का दर्शकों ने खूब लुफ्त उठाया।

वहीं, तीसरे दिन एक अन्य सत्र में, ब्रिटिश भाषाविद् इरविंग फिंकेल ने इतिहासकार और पुरातत्वविद् नयनजोत लाहिरी के साथ अपनी नई किताब 'द फर्स्ट घोस्ट्स: मोस्ट एन्सिएंट ऑफ लेगेसीज' पर चर्चा की। लाहिरी ने कहा कि यह पुस्तक इस वर्ष के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के संस्करण में प्रदर्शित होने वाली शायद सबसे असामान्य और आकर्षक पुस्तक है। रजिस्ट्रेशन और अधिक जानकारी के लिए जयपुर लिस्टेचर फेस्टिवल वेबसाइट पर विजिट करें।












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