Shiv Sena Division: फिर जेल जाने के काम कर रहे हैं संजय राउत
संजय राउत ने शिंदे और अमित शाह के बयानों को सौदे का सबूत बताने की कोशिश की है, लेकिन जिस तरह उन्होंने 2000 करोड़ रूपए के सौदे का आरोप लगाया है, वह उनके जेल जाने का कारण बनेगा।

Shiv Sena Division: संजय राउत एक बार फिर जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं| मनी लांड्रिंग केस में वह सौ दिन जेल में रहे थे| कई बार कोशिशों के बाद विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी| वह संजय राउत ही थे, जिन्होंने उद्धव ठाकरे के मन में मुख्यमंत्री बनने की लालसा पैदा करके शिवसेना का भाजपा से चुनाव पूर्व का गठबंधन तुड़वा दिया था| नतीजा यह निकला कि शिवसेना टूट गई, जब एकनाथ शिंदे शिवसेना तोड़ रहे थे, तो उन्होंने विभाजन का ठीकरा संजय राउत पर ही फोड़ा था| मुख्यमंत्री बन जाने के बाद उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और एनसीपी के विधायकों के दबाव में काम करना पड़ रहा था| शिवसेना विधायकों से उद्धव ठाकरे ने गुलामों की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया था| जिस कारण एकनाथ शिंदे को दो तिहाई विधायक और सांसद तोड़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई|

घमंड में चकनाचूर संजय राउत आए दिन शिंदे को चुनौती देते रहते थे| इसलिए शिंदे ने विभाजन का ठीकरा संजय राउत पर फोड़ा था। उद्धव ठाकरे सिर्फ संजय राउत की सुनते थे, क्योंकि शरद पवार के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री बनवाने में राउत ने प्रमुख भूमिका निभाई थी| दो तिहाई विधायकों और सांसदों के समर्थन के बाद तय था कि शिंदे गुट को असली शिवसेना होने की मान्यता मिल जाएगी| चुनाव आयोग ने भले ही देर लगाई, लेकिन अंतत: शिंदे गुट को असली शिवसेना होने की मान्यता मिल गई है| जिसपर संजय राउत ने चुनाव आयोग के खिलाफ अनाप शनाप आरोप लगा दिए हैं| सवैधानिक संस्था चुनाव आयोग के खिलाफ उनकी बयानबाजी अब उनके जेल जाने का कारण बनेगी| बड़बोले संजय राउत ने आरोप लगाया है कि शिंदे गुट को असली शिवसेना की मान्यता देने के लिए 2000 करोड़ रूपए का सौदा हुआ था|
संजय राउत ने यह आरोप बाकायदा ट्विट करके लगाया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ''चुनाव आयोग का फैसला सौदा है, 2000 करोड़ का यह आंकडा प्रारंभिक है, और यह सौ प्रतिशत सच है|" ट्विट के बाद उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि सत्तारूढ़ दल के करीबी एक बिल्डर ने उनके साथ यह जानकारी साझा की है| यानि मुख्यमंत्री शिंदे के किसी करीबी बिल्डर ने उन्हें यह जानकारी दी है कि 2000 करोड़ रूपए का सौदा हुआ था|
सुनी सुनाई बात के आधार पर लगाए गए आरोपों से दो बातें स्पष्ट हैं। पहली तो यह कि वह सीधे चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं| या फिर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके माध्यम से 2000 करोड़ का सौदा हुआ और उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके चुनाव आयोग से फैसला करवाया| संजय राउत का दावा है कि वह इस सौदे के सबूत भी पेश करेंगे|
शिंदे गुट का यह भी आरोप था कि शरद पवार ने शिवसेना तोड़ने की साजिश के तहत उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनवाया था| चुनाव आयोग के फैसले के बाद जब उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह चुरा लिया गया है| उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि महाशक्ति की मदद से शिवसेना का नाम और चुनाव निशान चुरा लिया गया है| तो इसके जवाब में एकनाथ शिंदे ने अपना वही आरोप दोहराया कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने शिवसेना को कांग्रेस और एनसीपी के पास बंधक रख दिया था, जिसे उन्होंने मुक्त करवाया|
चुनाव आयोग के फैसले के बाद आए शरद पवार के बयान से यह बात साबित भी होती है कि वह उस दिन का इन्तजार कर रहे थे, जिस दिन विभाजन को चुनाव आयोग की मान्यता मिल जाए| जब उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री में मातम का माहौल था, और उद्धव ठाकरे कोर्ट जाने की धमकी दे रहे थे, तब शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे को अपनी हार मंजूर कर लेनी चाहिए और नया चुनाव चिन्ह और नया नाम लेकर आगे बढ़ना चाहिए| यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि उनका मकसद पूरा हो गया है|
इसमें कोई शक नहीं कि शिवसेना को विभाजित करवाने की रणनीति अमित शाह ने बनवाई थी, लेकिन शिवसेना तोड़ने की पटकथा शरद पवार ने लिखी थी, जिन्होंने संजय राउत के माध्यम से शिवसेना का भाजपा से चुनाव पूर्व का गठबंधन तुडवाया था| शरद पवार राजनीति के इतने मंझे हुए खिलाड़ी तो हैं ही कि उन्हें पता था कि इसका नतीजा क्या निकलेगा| उन्हें पता था कि भाजपा उद्धव ठाकरे से बदला लेने के लिए पार्टी में विभाजन करवाएगी ही|
अमित शाह ने पहले दिन से ही विश्वासघात का बदला लेने की ठान ली थी। उन्होंने एकनाथ शिंदे से वायदा किया था कि वह आगे बढ़ेंगे तो भाजपा उनका पूरा साथ देगी| शिंदे गुट को असली शिवसेना की मान्यता मिलने के बाद एकनाथ शिंदे और अमित शाह के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं| शिंदे ने वायदा निभाने के लिए अमित शाह का आभार व्यक्त किया, जबकि अमित शाह ने कहा अंतत: सत्य की जीत हुई|
Recommended Video

संजय राउत ने शिंदे और अमित शाह के बयानों को सौदे का सबूत बताने की कोशिश की है, लेकिन जिस तरह उन्होंने 2000 करोड़ रूपए के सौदे का आरोप लगाया है, वह उनके जेल जाने का कारण बनेगा| अभी तो उन्होंने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया है, लेकिन आने वाले दिनों में वह चुनाव आयोग और अमित शाह पर 2000 करोड़ रूपए लेने का आरोप लगाएंगे, तो केंद्र सरकार और आयोग उन्हें कटघरे में खड़ा करेंगे| जैसी कि अमित शाह की किसी को माफ़ नहीं करने की कार्यशैली है, केंद्र सरकार संजय राउत को आरोप लगा कर भागने नहीं देगी, बल्कि चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोप में अदालत के माध्यम से जेल भेजने का पक्का बन्दोबस्त करेगी|
यह भी पढ़ें: '2024 का लोकसभा चुनाव देश का आखिरी चुनाव हो सकता है...', उद्धव ठाकरे ने क्यों कहा ऐसा?
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












Click it and Unblock the Notifications