Seema Haider: सवालों से भरा है सीमा हैदर का मामला
Seema Haider: कौन है सीमा हैदर? एक पाकिस्तानी जासूस, खुफिया एजेंसी आईएसआई की एजेंट या एक भारतीय युवा के प्रेम में सरहदों की परवाह न करते हुए अपने चार बच्चों के साथ अवैध रूप से भारत आने वाली भावुक प्रेमिका? आखिर कौन है यह पाकिस्तानी युवती? वर्तमान में यह प्रश्न जहां भारतीय जांच एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बना हुआ है, वहीं सोशल मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक टीवी चैनलों द्वारा सीमा हैदर के सभी राज खोलने का कथित दावा भी किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश एटीएस सहित आईबी ने अपनी जांच में कई ऐसे खुलासे किए हैं जो सीमा हैदर को संदेहास्पद तो बनाते हैं। सीमा हैदर का मामला एक इंद्रजाल बन चुका है जो अब पाकिस्तान में भी परेशानियां पैदा कर रहा है। पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों ने यह धारणा पुष्ट की है कि पाकिस्तानी अवाम को मुस्लिम सीमा हैदर का मुल्क छोड़कर भारत के हिंदू सचिन से प्रेम करना और बच्चों समेत भारत चला जाना बिलकुल नहीं भा रहा। देर-सवेर यदि सीमा हैदर को पाकिस्तान वापस भेज भी दिया जाए तो निश्चित रूप से वहां वह जिंदा तो नहीं बचेगी।

वैसे सीमा हैदर के बहाने ही सही, एक ऐसी समस्या देश के नागरिकों के संज्ञान में आई है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। सीमा हैदर के अनुसार, उसने अपने बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया। नेपाल-भारत सीमा की चौकसी का जिम्मा सीमा सुरक्षा बल का है और बिना जांच सीमा हैदर के भारत प्रवेश की बात पुष्ट होती है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़े खतरे की निशानी है। ऐसे तो फिर कोई भी असामाजिक तत्त्व अथवा आतंकी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति नेपाल के रास्ते भारत में आसानी से प्रवेश कर सकता है। हो सकता कइयों ने पूर्व में किया भी हो। फिर यह मात्र भारत-नेपाल सीमा का ही मसला नहीं है।
बांग्लादेश की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम, म्यांमार की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और नगालैण्ड, भूटान सीमा से सटे सिक्किम, असम, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य अवैध घुसपैठियों के लिए भारत में प्रवेश का मार्ग बनते जा रहे हैं। म्यांमार और बांग्लादेश से आए अवैध रोहिंग्या मुसलमानों ने किस प्रकार पूर्वोत्तर सहित वनवासी बहुल राज्यों में जनसंख्या की असमान चुनौतियों को पैदा किया है, यह अब देश को पता चलने लगा है।
2019 में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने संसद के माध्यम से देश को बताया था कि पश्चिम बंगाल में 20 मिलियन और असम में 2 मिलियन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए मौजूद हैं। यह तो सरकारी आंकड़ा था जो सरकार को पता है किंतु ऐसे अवैध घुसपैठियों का क्या जिन्होंने भारत की राजनीतिक कमजोरियों का लाभ उठाकर यहां आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी से लेकर बैंक अकाउंट तक खुलवा लिए हैं। ऐसे अवैध घुसपैठियों का वास्तविक आंकड़ा आज भी देश की जनता को नहीं पता। निश्चित तौर पर अवैध घुसपैठिए भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और सीमा हैदर के मामले के चलते सरकार को अवैध घुसपैठियों को लेकर कोई कड़ा कदम उठाना चाहिए।
अब वापस सीमा हैदर पर आते हैं। क्या सीमा हैदर पाकिस्तानी जासूस है? अब तक हुई जांच के अनुसार सीमा हैदर का मामला तब सुर्खियों में आया जब उसने अपने प्रेमी सचिन के साथ विवाह हेतु मैरिज रजिस्ट्रार के कार्यालय में आवेदन दिया। जासूसी की दुनिया में एक भी उदाहरण ऐसा नहीं मिलता जहां किसी कथित जासूस ने स्वयं के चलते जांच एजेंसियों का काम आसान किया हो। यहां तो सीमा हैदर ने स्वयं ही आवेदन दिया था।
ऐसे में इतना तो तय है कि यदि सीमा हैदर जासूस है तो या तो उसकी ट्रेनिंग सही नहीं हुई या ऐसा करके उसने जासूसी की दुनिया में कुछ अनोखा ही करने की ठानी है। सीमा हैदर के मामले में लूपहोल्स बहुत से हैं किंतु अभी तक जासूसी के ठोस प्रमाण हासिल करने में भारतीय जांच एजेंसियां विफल ही मानी जाएंगी। इस पूरे मामले में ऐसा प्रतीत होता है मानो अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए अब नए-नए तथ्य सामने लाए जा रहे हैं। फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सीमा हैदर का जो "पीपली लाइव" किया, उससे भी जांच एजेंसियों की भद पिटी है। सीमा हैदर भी जिस बेफिक्री से मीडिया और जांच एजेंसियों के सामने उत्तर दे रही है, उससे उसके जासूस और माशूका होने पर जनता की राय बंटी हुई है। हालांकि जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण से पर्दा उठायेंगी ही किंतु सीमा हैदर का भारत में प्रवेश करना ही सबसे बड़ा सवाल है जो अब तक अनसुलझा है।
इस पूरे मामले में एक सनसनीखेज तथ्य यह भी है कि जब 4 जुलाई को सीमा हैदर को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने कोर्ट में उसकी जमानत याचिका का विरोध तक नहीं किया और कोर्ट ने भी उसे 7 जुलाई को कुछ हिदायतों व शर्तों के साथ जमानत दे दी। अब यदि जांच एजेंसियों को सीमा हैदर के मामले में कुछ मिलता है तो यह ग्रेटर नोएडा पुलिस की विवेचना और कोर्ट के निर्णय पर भी सवालिया निशान लगाएगा कि दोनों पक्षों ने अपना काम ठीक से नहीं किया। जमानत पर छूटने के बाद सीमा हैदर को सोशल मीडिया ने स्टार बना दिया और रही-सही कसर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उसके इंटरव्यू लेकर पूरी कर दी। अब मामला दो प्रेमियों की कहानी से बढ़कर दो देश के बीच हो गया है जिसके अंत का इंतजार सभी को है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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