Madhya Pradesh: देव ‘लोक’ से भूलोक की राजनीति साधने का प्रयास

Madhya Pradesh: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते एक वर्ष में उज्जैन में निर्माणाधीन महाकाल लोक की तर्ज पर मालवा, बुंदेलखंड व चम्बल क्षेत्र में 7 देव लोक बनाने की घोषणा की है। यदि इन सभी 7 देव लोकों का निर्माण कार्य पूर्ण होता है तो इनकी संयुक्त लागत 3,500 करोड़ रुपए से अधिक होगी। कांग्रेस इन देव लोकों का विरोध तो नहीं कर रही है लेकिन इन घोषणाओं पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री को घोषणावीर बता रही है जबकि कई स्थानों पर कार्यों का विधिवत शुभारंभ भी हो चुका है।

850 करोड़ की लागत से बने महाकाल लोक के प्रथम चरण के लोकार्पण के बाद इसके दूसरे व तीसरे चरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। ॐकारेश्वर में मध्य प्रदेश सरकार की 2,200 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना 'एकात्म धाम' जो जगतगुरु शंकराचार्य को समर्पित है, के निर्माण का बड़ा कार्य पूर्ण हो चुका है। मुरैना जिले के ऐंती पर्वत स्थित विश्व प्रसिद्ध शनि धाम के भी विकास का खाका खिंच गया है जिसकी जिम्मेदारी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने ली है।

Madhya Pradesh politics Attempt to do politics of Bhulok with Dev Lok

त्रेतायुगीन शनि मंदिर में प्रतिष्ठत शनिदेव की प्रतिमा भी विशेष है। ऐसी मान्यता है कि यह प्रतिमा आसमान से टूट कर गिरे एक उल्कापिंड से निर्मित है। महाराष्ट्र के सिंगनापुर स्थित शनि मंदिर में प्रतिष्ठित शनि शिला भी इसी शनि पर्वत से ले जाई गई है। यहां विकास कार्यों के अंतर्गत शनि धाम की 6.5 किमी लंबाई की परिक्रमा में चंबल अंचल के 30 महापुरुषों, संत-महात्माओं की प्रतिमाएं स्थापित करने के साथ ही शनिकुंड बनाया जाएगा। सैलानियों के ठहरने के लिए धर्मशाला, मंदिर परिसर में सोलर लाइट, प्रशासनिक भवन का निर्माण, शनि परिक्रमा में शिव पर्वत का निर्माण जैसे अन्य कार्य भी किए जाएंगे।

वहीं हनुमानजी के भक्तों को भी शिवराज सरकार ने प्रसन्न कर दिया है। विधानसभा के पटल पर 14 मार्च, 2023 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हनुमानजी के भक्तों को बड़ी सौगात के रूप में छिंदवाड़ा के सौंसर के जामसांवली में जहां हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा है, वहां हनुमान लोक बनाने की घोषणा की। इसके अलावा भिंड जिले में देश के प्रमुख हनुमान मंदिर दंदरौआ धाम में भी हनुमान लोक बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दी है। दंदरौआ धाम वाले हनुमान को डॉक्टर हनुमानजी के नाम से भी जाना जाता है और ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन करने से असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। अतः भिंड जिले के इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

मई, 2023 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हीरे की खानों के लिए प्रसिद्ध पन्ना में पन्ना गौरव दिवस पर लोगों की सलाह और सुझाव से जुगल किशोर सरकार लोक बनाने की घोषणा की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने ओरछा के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में रामराजा लोक और चित्रकूट में वनवासी लोक की घोषणा की थी। इन लोकों के निर्माण में कितना खर्च आएगा इसे लेकर सरकारी स्तर पर आंकलन किया जा रहा है।

वर्तमान में सलकनपुर स्थित विजयासन देवी धाम में देवी लोक का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। देवी लोक में देवी के नौ रूपों और 64 योगिनी को शास्त्रों में वर्णित कथाओं के साथ आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने के साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक निर्माण एवं विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। देवी लोक के निर्माण पर 200 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के व्यय का अनुमान है। विकास एवं निर्माण कार्यों के भूमि पूजन के पश्चात लगभग 40 करोड़ रूपए में प्रवेश द्वार, शिव मंदिर का पाथवे निर्माण, मेला ग्राउंड पर भव्य दीपस्तंभ एवं 102 दुकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

सागर में स्थित रविदास मंदिर धाम में 100 करोड़ खर्च होंगे तो वहीं दतिया के विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक सिद्धपीठ पीताम्बरा पीठ में पीतांबरा माई लोक बनेगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में देवी अहिल्याबाई की स्मृति को जीवंत रखने के लिए अहिल्या लोक का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री की ओर से आया है। इंदौर के पास जानापाव, जिसे भगवान परशुराम की जन्मस्थली कहा जाता है, में भी बड़े स्तर पर विकास कार्य चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में जब बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर बना और इसकी तर्ज पर उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तब भी यह प्रश्न समाज के एक बड़े वर्ग में अनुत्तरित था कि 'लोक' के निर्माण की 'आस' किसे है? किंतु काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक के प्रथम चरण के लोकार्पण के बाद इन धार्मिक नगरों में जिस प्रकार जनसमूह उमड़ा है, उससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के छोटे-बड़े अवसर बढ़े हैं। इससे राजस्व बढ़ा है जिसका लाभ स्थानीय जनता को मिल रहा है।

यह भी एक तथ्य है कि स्थानीय जनता ने भी प्रदेश में बनने वाले लोकों को लेकर अपनी स्वीकारोक्ति दी है क्योंकि कई स्थानों के आधुनिकीकरण और विकास की मांग वर्षों पुरानी थी। कांग्रेस ने पूर्व में तो इन लोकों को हास-परिहास का विषय बनाया किन्तु जनता के रुख को देखते हुए अब महाकाल लोक और देवी लोक पर उन्होंने अपना दावा ठोकते हुए इन्हें कमलनाथ सरकार की देन बताया है। हालांकि प्रश्न यह नहीं है कि किसने बनवाया अथवा क्यों बनवाया, प्रश्न यह उठता है कि क्या धार्मिक स्थलों के विकास को भी राजनीतिक हित-लाभ की दृष्टि से तोला जाएगा?

उज्जैन का ही उदाहरण लें तो महाकाल लोक बनने के पश्चात पूरे नगर की सूरत ही बदलती जा रही है। चौड़ी सड़कें, नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण, ठहरने के लिए अत्याधुनिक धर्मशालाएं तथा होटल बन रहे हैं। साथ ही उज्जैन के आस पास के ज़िलों में भी विकास कार्य हो रहे हैं। देवास और नलखेड़ा इसका प्रमाण हैं। जो लोग महाकाल लोक आ रहे हैं वे देवास में चामुंडा माता या नलखेड़ा में बगुलमुखी माता के दर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार द्वारा बनाये जा रहे देवलोक के प्रति जन मन आकर्षित हो रहा है तो कौन राजनीतिक व्यक्ति होगा जो इसका लाभ नहीं लेना चाहेगा?

यही कारण है कि प्रदेश में दिग्विजय सिंह से लेकर कमलनाथ तक सभी बड़े नेता अपनी धार्मिक आस्था को सार्वजनिक रूप से प्रकट कर रहे हैं। कमलनाथ अपने गृहक्षेत्र में 101 फिट ऊंची हनुमत प्रतिमा बनवाने के बाद प्रखर सनातनी कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा करवाने जा रहे हैं, वहीं दिग्विजय सिंह पवित्र सावन मास में जगह-जगह रुद्राभिषेक करते दिख रहे हैं।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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