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FIFA World Cup 2022: ब्राजील की हार से फीका हुआ फीफा विश्वकप

कतर से लेकर ब्राजील के छोटे गांवों तक फुटबाल का जो जुनून अपने चरम पर था, वह ब्राजील की हार के साथ ही घोर निराशा में डूब गया।

FIFA World Cup 2022 excitement less football world cup after Brazils defeat

FIFA World Cup 2022: 20 नवंबर से कतर में शुरू हुए दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबाल के विश्वकप आयोजन को 22 दिन हो चुके है और फुटबॉल का यह आयोजन अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। विश्वकप जीतने के तमाम दावेदारों में शामिल ब्राजील, नीदरलैंड, इग्लैंड और पुर्तगाल क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए हैं।

पहला सेमीफाइनल 14 दिसंबर की रात को अर्जेंटीना और क्रोएशिया के बीच और दूसरा सेमीफाइनल 15 दिसंबर की रात को फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला जाएगा। इन दोनों मैचों की विजेता टीमें रविवार 18 दिसंबर को फाइनल में आपस में खेलेंगी।

क्वार्टर फाइनल के पहले दोनों मुकाबले का निर्णय पेनल्टी शूटआउट से हुआ। वर्ल्ड कप इतिहास मे 1986 और 2006 के बाद ऐसा तीसरी बार हुआ है जब निर्णय पेनल्टी शूट आउट से हुआ। अर्जेटीना ने 4 के मुकाबले 3 गोल से नीदरलैंड को और क्रोएशिया ने 4 के मुकाबले 2 गोल से खिताब की दावेदार माने जाने वाली ब्राजील को हरा दिया।

फुटबॉल विश्वकप इतिहास में ब्राजील 1986 के बाद दूसरी बार पेनल्टी शूटआउट में हारा है। वहीं क्वार्टरफाइनल में नीदरलैंड को हराने वाली अर्जेंटीना छठी बार सेमीफाइनल में पहुंची है। अर्जेंटीना ने दूसरी बार नीदरलैंड को वर्ल्डकप से बाहर किया है। इससे पहले 2014 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने डच टीम को शिकस्त दी थी। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी के 10 वर्ल्डकप गोल हो गए हैं। मेसी ने अर्जेंटीना के ही गेब्रियल बतिस्तुता की बराबरी की। डियोगा माराडोना के 8 गोल हैं। अर्जेंटीना का सेमीफाइनल में मुकाबला क्रोएशिया से होगा। विश्वकप में पहले भी अर्जेंटीना और क्रोएशिया दो बार भिड़ चुकी हैं और दोनो ही टीमें एक-एक बार जीत चुकी हैं।

क्वार्टर फाइनल के एक अन्य मुकाबले में मोरक्को ने पुर्तगाल को हराकर सबको अचंभित कर दिया। मोरक्को पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुची थी, जबकि पुर्तगाल 16 साल बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था। मोरक्को टॉप 4 में पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी और अरब देश है। मोरक्को का इस विश्वकप में बेहद अच्छा प्रदर्शन रहा है। मोरक्को ने विश्व की नंबर 9 पर काबिज टीम पुर्तगाल, 2010 की विजेता स्पेन, नंबर 2 बेल्जियम जैसी बड़ी टीम को हराकर बताया है कि विश्वकप के छुपेरूस्तम देशों में मोरक्कों का नाम भी शामिल करना होगा।

पुर्तगाल को हराकर सेमीफाइनल में पहुचने वाली मोरक्को का मुकाबला फ्रांस से होगा। गत विजेता फ्रांस ने क्वार्टर फाइनल में इंग्लैड को शिकस्त दी है। फ्रांस ने सातवीं बार सेमीफाइनल में जगह बना ली, जबकि इंग्लैड की टीम सातवीं बार क्वार्टर फाइनल में हारी। इंग्लैड वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा क्वार्टर फाइनल में हारने वाली टीम है।

खेल विशेषज्ञों का दावा है कि फाइनल फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच होगा। यह सच है कि दोनों देश खिताब के प्रबल दावेदार है। अर्जेंटीना के पास मैसी है तो फ्रांस के पास किलियन एमबापे है। दोनों पर अपने देश के लिए खिताब जिताने का दबाव है। अर्जेटीना के 35 साल के मैसी के इस वर्ल्डकप में 4 गोल और वर्ल्डकप में कुल 10 गोल हो गए हैं। दूसरी ओर फ्रांस के एमबापे इस वर्ल्डकप में सर्वाधिक 5 और कुल 9 गोल दाग चुके हैं।

अर्जेटीना के मैसी और फ्रांस के एमबापे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे है। खास बात यह है कि दोनों खिलाडियों की उम्र में 12 साल का अंतर है। मेसी 35 साल के हैं और एमबापे सिर्फ 23 साल के। फ्रांस के लिए 23 साल के एमबापे सबसे बड़ी उम्मीद और भरोसा हैं। अटैक में फ्रांस के पास ग्रीजमैन, एमबापे और ओलिवर जिरू है। अर्जेंटीना का अटैक फ्रांस के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। अर्जेटीना के पास मैसी के अलावा 22 साल के जूलियस अल्वारेज है। मेेसी अगर आने वाले मैच में दो गोल और कर लेते हैं तो वह महान खिलाड़ी पेेले की बराबरी कर लेंगे।

गत विजेता फ्रांस और अर्जेटीना के प्रशंसक भले ही अपनी अपनी टीम की जीत का दावा कर रहे हों लेकिन प्रमुख दावेदारों में शामिल ब्राजील की हार से पूरा ब्राजील और दुनिया भर में उसके समर्थक मायूस और निराश हैं। फीफा वर्ल्डकप आयोजकों का भी आंकलन है कि ब्राजील के बाहर होने के बाद सेमीफाइनल और फाइनल के टिकटों को लेकर वह मारामारी नहीं रहेगी जो ब्राजील के बने रहने से होती। कतर ने भी आशंका व्यक्त की है कि ब्राजील के बाहर होने से होटल की बुकिंग पर 10 प्रतिशत का असर पड़ सकता है।

ब्राजील, लेटिन अमेरिका का एक ऐसा देश है जहां फुटबाल को लेकर जुनून रहता है। कतर से लेकर ब्राजील के छोटे गांवों तक फुटबाल का जुनून अपने चरम पर था और ब्राजील की हार के साथ ही वह घोर निराशा में डूब गया। ब्राजील की हार के बाद प्रशंसकों का कहना है कि ऐसा लग रहा है जैसे घर में किसी सदस्य का निधन हो गया हो। ब्राजील के विश्वकप में खराब प्रदर्शन का एक प्रमुख कारण उसके खिलाडियों की नशाखोरी, अय्याशी और क्लबों के अनुबंध के कारण मिलने वाली दौलत का प्रमुख योगदान है।

ब्राजील के ज्यादातर खिलाड़ी बेहद गरीब परिवार से आते हैं और इन खिलाड़ियों का बचपन से सपना देश के लिए खेलने से ज्यादा किसी नामी क्लब में बड़े अनुबंध के साथ शामिल होने का रहता है। इन खिलाड़ियों के बचपन की गरीबी जवानी में इन्हें पैसे की और आकर्षित करती है। ब्राजील के ज्यादातर खिलाड़ी विदेश में रहते हैं।

ब्राजीलियों को फुटबॉल का खेल पैसो की टकसाल लगता है। ब्राजीलियों की दूसरी आदत मजमेबाजी की है और इसके चलते अनेक खिलाडियों ने अपना कैरियर चौपट कर लिया है। ब्राजील के ज्यादातर खिलाड़ियों ने नशेबाजी में अपनी देह समय से पहले खराब कर ली। प्रतिभा का ज्वालामुखी ब्राजील के खिलाड़ियों में सुलगता है लेकिन समय से पहले मिल रहे अकूत धन से खिलाड़ियों का ध्यान फुटबॉल पर समर्पित नहीं रह पा रहा है। ब्राजील इसी का नुकसान उठा रहा है।

ब्राजील में 2002 में फुटबॉल का एक दौर वह भी था जब रोनाल्डो, रिवाल्डो, रोनाल्डीनियों की तिकड़ी की तूती दुनिया भर में बोलती थी। ब्राजील के इन तीनों स्टार खिलाडियों ने फुटबॉल को संगीत की तरह सुंदर और लयपूर्ण बना दिया था। इनका लिंक अप का खेल दर्शनीय होता था। इसके बाद ब्राजील ऐसी तिकड़ी देने में असफल रहा और फुटॅबाल में अपनी बादशाहत को गंवा चुका है। ब्राजील का विश्वकप में खराब प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है।

18 दिसंबर को विश्वकप समाप्त होने के साथ ही विश्व के कई महान खिलाडियों की विश्वकप की यात्रा भी समाप्त होना लगभग तय है। ब्राजील के नेमार ने हार के बाद संन्यास के संकेत दिए है। नेमार के अलावा हेडर किंग क्रिस्टियानो रोनाल्डो, रॉबर्ट लेवानडोस्की, लियोनेल मेस्सी, सुआरेज, मोड्रिच, लुकाकू, मुलर, नेउर, जोर्डी अल्बा, सर्जियो रामोस, बैजेमा, पॉल पोग्बा जैसे खिलाड़ियों का भी यह विश्वकप अंतिम माना जा रहा है।

बहरहाल, पिछली बार का विजेता फ्रांस विश्वकप जीतकर लगातार दूसरी बार अपनी बादशाहत कायम रख सकता है। वहीं, मेसी विश्वकप अर्जेंटीना की झोली में डालकर अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करना चाहते हैं। देखना ये है कि यह दोनों सफल होते हैं या फिर क्रोएशिया या मोरक्को फुटबॉल के नए बादशाह बन जाते हैं। अपने अंतिम दौर में पहुंच गए इस विश्वकप में अभी और उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

यह भी पढ़ें: FIFA World Cup Audience: क्यों विदेशी फुटबॉल फैन्स, कतर आने से कतरा रहे है, जाने उन वजहों को

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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