Rahul Gandhi: न वह सावरकर है, न गांधी है

प्रियंका को भी यह मालूम है कि जब उनकी दादी इंदिरा गांधी की किसी कश्मीरी परिवार से शादी नहीं हुई थी, तो वह बार बार कश्मीरी परंपराओं का हवाला देकर खुद को और अपने भाई राहुल गांधी को कश्मीरी साबित करने की क्यों कर रही हैं।

congress leader Rahul Gandhi Remark on Savarkar and gandhi

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने लोकसभा से अपने निलंबन के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें उनसे पूछा गया कि सभी मोदियों को चोर कहने पर क्या अब आप माफी मांगेंगे| राहुल गांधी ने कहा कि वह सावरकर नहीं गांधी हैं| अपनी भारत जोड़ो यात्रा, उससे पहले और बाद में भी वह वीर सावरकर पर हमले जारी रखते हुए कहते रहे हैं कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी| वह जब खुद को गांधी कहते हैं, तो अपनी पृष्ठभूमि महात्मा गांधी से जोड़ते हैं| आज की पीढ़ी भ्रमित हो जाती है कि राहुल गांधी का ताल्लुक नेहरू परिवार से है या गांधी परिवार से है|

congress leader Rahul Gandhi Remark on Savarkar and gandhi

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पंजाब की एक प्रेस कांफ्रेंस में किसी ने उनसे पूछा था कि क्या उनके चचेरे भाई वरुण गांधी कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं, तब राहुल गांधी ने कहा कि उनकी वरुण फिरोज गांधी से बात हुई थी| यह फ़िरोज़ कौन है, जिसका जिक्र राहुल गांधी की जुबान से निकला| यहीं पर इस परिवार की सच्चाई छिपी है, जहां सोनिया, राहुल परिवार गांधी नाम के पीछे अपनी असलियत को छुपा लेते हैं, वहीं वरुण गांधी ने अपनी असलियत को जाहिर किया हुआ है| उन्होंने अपने नाम के साथ अपने दादा का असली नाम लगाया हुआ है, जो फ़िरोज़ गांधी था| इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, या संजय गांधी का महात्मा गांधी से कोई रिश्ता नहीं, फिर राहुल गांधी कैसे कहते हैं कि वह सावरकर नहीं गांधी हैं|

राहुल गांधी अच्छी तरह जानते हैं कि वह फ़िरोज़ गांधी के पोते हैं, न कि महात्मा गांधी के| फरवरी में राज्‍यसभा में राष्ट्रपति के अभिवादन पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल उठाया था कि नेहरू-गांधी परिवार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का उपनाम क्‍यों नहीं इस्‍तेमाल करता| इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा था कि देश में ज्‍यादातर लोग अपने पिता के उपनाम का इस्‍तेमाल करते हैं| इसीलिए हम भी अपने पिता और दादा का सरनेम इस्‍तेमाल करते हैं| इसका मतलब यह हुआ कि वह जानते हैं कि वह ब्राह्मण नहीं हैं, क्योंकि उनके दादा फ़िरोज़ गांधी पारसी थे, वह हिन्दू ही नहीं थे| फिर राहुल गाँधी ने किस आधार पर पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर में ख़ुद को दत्तात्रेय गोत्र का कौल ब्राह्रमण बताया था|

8 सितंबर 1960 को फिरोज गांधी का देहांत हुआ तो उनके अंतिम संस्‍कार में पारसी पुजारी ने भी उनके लिए विशेष प्रार्थना की और फिरोज गांधी के पार्थिव शरीर के मुंह पर कपड़े का टुकड़ा रख कर 'अहनावेति' का पूरा पहला अध्याय पढ़ा गया था| राजीव गांधी ने उन्‍हें मुखाग्नि दी, उनकी अस्थियों को संगम में बहाया गया, लेकिन कुछ हिस्‍से को दफनाया गया और उस पर उनकी कब्र भी बनाई गई, कब्र आज भी इलाहाबाद में मौजूद है| हालांकि पारसी धर्म के अनुसार अस्थियों को दफनाया नहीं जाता, पारसी धर्म के मुताबिक़ लाश को गिद्दों के लिए खुला छोड़ दिया जाता था| लेकिन पारसी धर्म के अनुसार दाह संस्कार की परंपरा खत्म हो चुकी है|

राहुल गांधी को यह भी जरुर पता होगा कि वह वास्तव में गांधी नहीं हैं, उनका वास्तविक उपनाम घांडी था, उनके दादा फिरोज घांडी ने अपने पारसी पिता जहांगीर फरदून घांडी का उपनाम छोड़कर गांधी कर लिया था| इंदिरा गांधी की बुआ कृष्णा हठीसिंग ने अपनी किताब "इंदू से प्रधानमंत्री" में लिखा है कि घांडी और गांधी एक ही हैं| हालांकि महात्मा गांधी हिंदू थे और फिरोज गांधी पारसी, दोनों का आपस में कोई रिश्ता नहीं था| वह लिखती हैं कि इंदिरा की फिरोज से शादी करने करने की इच्छा जाहिर करने पर जवाहर परेशान हो गए थे, हालांकि हम दोनों ही बहनों ने गैर कश्मीरियों से शादी की|

प्रियंका वाड्रा को तो यह अच्छी तरफ मालूम है कि जब उनकी दादी इंदिरा गांधी की किसी कश्मीरी परिवार से शादी नहीं हुई थी, तो वह बार बार क्यों कश्मीरी परंपराओं का हवाला देकर खुद को और अपने भाई राहुल गांधी को कश्मीरी साबित करने की कोशिश कर रही हैं| पारिवारिक पृष्ठभूमि के सारे फर्जी दावों के बावजूद जब राहुल गांधी को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई तो उन्होंने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा-"मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है| सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन| "

Recommended Video

    Rahul Gandhi के Savarkar के बयान पर Shivsena के Sanjay Raut का करारा जवाब | वनइंडिया हिंदी

    राहुल गांधी को दो साल की सजा और उसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दिए जाने के बाद उनकी बहन प्रियंका गांधी ने गुस्से में चार ट्विट लिखे, जिसमें उन्होंने कहा कि कश्मीरी परंपरा के अनुसार पिता के देहांत के बाद बेटा पगड़ी पहनता है| वैसे पगड़ी पहनाए जाने की यह परंपरा सिर्फ कश्मीर की नहीं है, सारे उत्तर भारत की भी यही परंपरा है| इसका मतलब होता है कि उसके बाद से पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके सिर पर है, वह परिवार का सरदार है| प्रियंका गांधी को किसी ने आधा अधूरा ज्ञान दिया, जिसे पहले उन्होंने अपने ट्विट में अपने परिवार के साथ जोड़कर उड़ेला और बाद में महात्मा गांधी की समाधि पर एक दिन के सत्याग्रह के अवसर पर अपने भाषण में फिर वही बात कही| लेकिन तथ्य यही है कि उनके परिवार का कश्मीर, कश्मीरी परंपरा और हिन्दू या ब्राह्मण होने से कोई ताल्लुक नहीं है|

    यह भी पढ़ेंः Rahul Gandhi: कांग्रेस की बैठक से उद्धव गुट का किनारा, सावरकर पर राहुल के बयान के बाद आई दरार

    (इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+