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कांग्रेस के लिए 'पनौती' बने सैम-मणि का ट्रोलबाजों को बेसब्री से इंतजार

नई दिल्ली। इस समय इंग्लैंड में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 खेला जा रहा है और भारत में आईपीएल (इंडियन पोलिटिकल लीग) हाल ही में सम्पन्न हुई है। इंडियन पोलिटिकल लीग मतलब लोकसभा चुनाव। लोकतंत्र के इस महा महापर्व में भी क्रिकेट की तरह नए नए रिकार्ड बने, खूब गुगली और बाउंसर चले। अब टीम बीजेपी और कांग्रेस अब अपने अपने काम में जुट गईं हैं। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी टीम को सौ दिन का एजेंडा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने ध्वस्त किले की ईटें सहेज कर अपनी टीम का मनोबल बढाते हुए इंच-इंच संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं। जैसा कि क्रिकेट मुकाबले में होता है किसी टीम का कोई स्टार खिलाडी ऐसा कुछ कर बैठता है कि पासा पलट जाता है, स्टार खलनायक बन जाता है और 'शुभंकर' 'पनौती' नजर आता है। जिसे टीम "शुभंकर" समझती है वो उनके लिए पनौती बन जाते हैं।

कांग्रेस के लिए पनौती बने सैम-मणि का ट्रोलबाजों को इंतजार

जो हुआ सो हुआ मगर अब इनको क्या हुआ

सैम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर ऐसे ही किरदार हैं। लम्बे समय तक मीडिया के पर्दे से गायब थे। चुनाव के दौरान अचानक सुर्ख़ियों में आए अब फिर गायब हैं। चुनाव के दौरान जो हुआ सो हुआ मगर अब इनको क्या हुआ। अगर लोकसभा चुनाव को क्रिकेट मैच मान लिया जाये तो पूरे मैच के दौरान कांग्रेस और बीजेपी में रोचक मुकाबला चला। राहुल गाँधी मैच में आल राउंडर की हैसियत से कभी "राफेल" का बाउंसर फेंका तो कभी "चौकीदार" की फिरकी से बीजेपी को बोल्ड करने की कोशिश में लगे रहे। विकेट के एक छोर पर नरेन्द्र मोदी थे तो दूसरे छोर पर अमित शाह जमे थे। यह जोड़ी बड़ी सावधानी से चरण दर चरण रन बना रही थी। कांग्रेस के दूसरे मुख्य गेंदबाज के रूप में प्रियंका थीं जो मोदी को बदल बदल कर गेंद डाल रहीं थी। पहले उन्होंने "दुर्योधन" वाला बाउंसर मारा लेकिन नरेंद्र मोदी ने बड़ी सफाई से डक कर हमले को विफल कर दिया। इसके बाद "कायर" वाली "इन क़टर" तो कभी "महाभ्रष्टाचार" वाली आउटस्विंगर बाल से इस जोड़ी को आउट करने की कोशिश की।

मायावती और राबड़ी भी फेल

मायावती और राबड़ी भी फेल

कांग्रेस के दोनों मुख्य गेंदबाज जब सफल नहीं हुए तो मायावती ने गेंदबाजी सम्भाली। मायावती ने गुजरात एन से "महिला सम्मान" की गुगली आजमाई लेकिन बाल वाइड हो गई। इसके बाद मायावती ने स्लो "महिला सम्मान" बाल फेंकी कि शायद मोदी इस पर आगे बढ़कर खेलें और कैच दे बैठें या स्टम्प हो जाएँ। नरेन्द्र मोदी ने इस बाल को खेला ही नहीं। इसके बाद बिहार के छोर से राबड़ी देवी ने गेंदबाजी का मोर्चा सम्भाला। लेकिन विपक्षी गेंदबाजों के हर हमले को विफल करते हुए मोदी- शाह की जोड़ी विकेट पर जमी हुई थी। बीजेपी की टीम धीरे धीरे बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी हालांकि रन बनाने की गति धीमी थी। खिसिया कर राबड़ी देवी ने बिहार एंड से "जल्लाद" यार्कर फेंकी लेकिन वह नो बाल हो गई।

चुनाव बीच प्रगट हुए सैम और अय्यर

चुनाव बीच प्रगट हुए सैम और अय्यर

कांग्रेस की हताशा धीरे धीरे बढ़ रही थी। अपनी पार्टी को संकट में देख कांग्रेस के एक पुराने तेज गेंदबाज सैम ने एक छोर सम्भाला और "हुआ तो हुआ बाल" बाल फेंकी। लेकिन उनकी शुरुआती गेंदों पर जब दनादन छक्के लगे तो वो हुआ तो हुआ स्टाइल में ही निकल लिए। कांग्रेस पार्टी को संकट में देख सैम पित्रोदा की ही तरह कांग्रेस के एक पुराने तेज गेंदबाज मणिशंकर अय्यर बीजेपी का विकेट लेने की आस में अचानक चौथे चरण के चुनाव के बाद प्रगट हुए। वह लम्बे अर्से से सुर्ख़ियों से गायब थे। अपनी टीम के लिए मणिशंकर अय्यर ने पुरानी पड़ चुकी "नीच" बाल को एक बार फिर आजमाने का फैसला किया। वही "नीच" बाल जो 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के तुरंत पहले उन्होंने फेंकी थी और बुरी तरह पिटे थे। इसकी बदौलत कांग्रेस गुजरात का मैच हार गई थी। इसके बाद कांग्रेस ने मणिशंकर को टीम से निलंबित कर दिया था। 8 अगस्त 2018 को उनका निलंबन ख़त्म हो गया था। लेकिन उसके बाद से वह गायब थे। चार चरण पूरे हो चुके थे मगर मणिशंकर अय्यर का चेहरा कहीं नजर नहीं आ रहा था।

अय्यर के आते ही ट्रोलबाजों की बांछे खिलीं

अय्यर के आते ही ट्रोलबाजों की बांछे खिलीं

ट्रोलबाजों को अय्यर की गैरहाजिरी अखर रही थी कि वो गए तो कहाँ गए? पहले तो लोगों ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली फिर चुटकी अफवाह में बदल गई कि पाकिस्तान गये थे , नरेन्द्र मोदी को हटाने मदद लेने! ... अरे क्या बात कर रहे... कहीं 26 फरवरी को वो बालाकोट में तो नहीं थे मसूद अजहर के साथ? ... कहीं बालकोट में ही उनका काम तो नहीं लग गया? अफवाहें इतनी तेजी से फैलीं कि उनको मीडिया के सामने आकर कहना पड़ा कि अभी जिन्दा हूँ मैं। लेकिन उन्होंने माना कि लोकसभा चुनाव में कैम्पेन के लिए पार्टी ने उन्हें कोई विशेष जिम्मेदारी नहीं सौंपी है। इसी दौरान उनका एक और वीडिओ वायरल हो गया जिसमें मणिशंकर रिपोर्टर को गुस्से में मुक्का दिखा रहे थे। दरअसल कांग्रेस नहीं चाहती थी कि मणिशंकर अय्यर फिर ऐसी कोई कलाकारी न कर दें जिससे लेने के देने पड जाएं।

जिया बेकरार है तेरा इन्तजार है

लेकिन टीम कांग्रेस को संकट में देख कर मणिशंकर अय्यर का मन माना नहीं और उन्होंने पुरानी "नीच" बाल को रगड़ कर एक बार फिर चमकाया और मोदी एंड पर फेंका लेकिन मोदी गेंद की लेंथ को भांप गये और इस गेंद पर आगे बढ़ कर छक्का लगा दिया। टीम कांग्रेस के शुभंकर बनने के चक्कर में पनौती बने ये दोनों "कलाकार" फिलहाल फिर गायब हैं और सोशल मीडिया के छिछोरे ट्रोल बाज बेसब्री से इनका इन्तजार कर रहे हैं ।

(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं।)

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