इंडिया गेट से: अब गुजरात में केजरीवाल की ड्रामा राजनीति
क्या गुजरात के चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल पर हमला होने वाला है? आखिर यह सवाल क्यों किया जा रहा है? यह सवाल क्यों उठना चाहिए? यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि गुजरात सरकार ने हमले की आशंका के कारण केजरीवाल की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। गुजरात के गृह मंत्रालय ने पुलिस को उन्हें सुरक्षा देने का निर्देश जारी किया है।

लेकिन केजरीवाल गुजरात सरकार से सुरक्षा नहीं लेना चाहते। तो सवाल उठ रहा है कि क्या वह पंजाब सरकार की और से मुहैया करवाई गई सुरक्षा को गुजरात लेकर जाएंगे? पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद नए मुख्यमंत्री ने सिद्धू मुसेवाला की सुरक्षा हटा कर केजरीवाल को सुरक्षा मुहैया करवा दी थी, जबकि वह न तो पंजाब के नागरिक हैं और न ही पंजाब में रहते हैं।
पंजाब सरकार ने उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी है, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं। जो व्यक्ति पंजाब सरकार से 55 सुरक्षाकर्मी ले रहा है, वह गुजरात में जा कर कहता है कि उसे सुरक्षा नहीं चाहिए। वैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वह कोई सुरक्षा नहीं लेंगे। लेकिन अगर गुजरात में उन पर हमला हो गया, तो गुजरात सरकार कटघरे में खडी होगी। जैसे 5 महीने पहले कश्मीर फाइल्स पर विधानसभा में केजरीवाल की टिप्पणी से गुस्साए कश्मीरी पंडितों ने जब उनके घर पर किए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा का घेरा तोड़ा था, तो उनकी सुरक्षा पर सवाल उठ खड़ा हुआ था। तब केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कहा था कि अगर केंद्र सरकार उन्हें सुरक्षा नहीं दे सकती तो नरेंद्र मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी केजरीवाल की सुरक्षा के मामले को हाईकोर्ट में ले गई थी, जहां दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि केजरीवाल की सुरक्षा के लिए 64 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यानी 64 दिल्ली पुलिस के सुरक्षाकर्मी और 55 पंजाब के सुरक्षा कर्मी। जिस व्यक्ति को इतनी सुरक्षा की जरूरत है, उस पर गुजरात सरकार कोई रिस्क क्यों ले। इसलिए गुजरात में उनके हर दौरे के समय सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है। लेकिन 11 सितंबर को उस समय जबर्दस्त ड्रामा हो गया जब केजरीवाल एक थ्री व्हीलर पर बैठ कर उस थ्री व्हीलर वाले के घर खाना खाने जा रहे थे, गुजरात पुलिस ने सुरक्षा और प्रोटोकाल का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। लेकिन केजरीवाल इस बात पर पुलिस से उलझ गए और उन्हें कैद करने का आरोप लगा दिया। यह वीडियो खूब वायरल हुआ है, जिसमें वह पुलिस कर्मी से उलझ रहे हैं।
असल में चुनावों के दौरान केजरीवाल पर हमलों का इतिहास रहा है। 2014 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय एक रैली के दौरान एक शख्स ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था, फिर 2019 में भी चुनावी रैली के समय एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था।
अब गुजरात विधानसभा चुनाव के समय भी बड़ा हमला नहीं तो थप्पड़ काण्ड होने की पूरी आशंका है, इसलिए गुजरात पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। एक बार किसी ने केजरीवाल का मुहं भी काला किया था। आखिर चुनावों के समय ही ऐसा क्यों होता है कि कोई अचानक आकर केजरीवाल को थप्पड़ जड देता है?
दिल्ली की भाजपा और कांग्रेस ने हमेशा ही आरोप लगाया है कि केजरीवाल यह ड्रामा खुद करवाता है और इसकी जांच होनी चाहिए। जैसे 2014 में विधायकों की खरीद फरोख्त का ड्रामा खुद करवाया था और अभी हाल ही में शराब घोटाले की सीबीआई जांच शुरू होते ही भाजपा पर आम आदमी पार्टी के विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाने वाला ड्रामा हुआ था। भाजपा ने इन आरोपों की जांच करवाने की मांग की है।
गुजरात की सरकार को भी आशंका है कि वह थप्पड़ का ड्रामा गुजरात में भी करवाएंगे। असल में केजरीवाल का स्क्रिप्ट पहले से तैयार होता है। 11 सितंबर को केजरीवाल ने गुजरात में डबल ड्रामा किया। एक तो वह पुलिस से भिड़ गए, दूसरे उन्होंने वही ड्रामा दोहराया, जो पहले पंजाब में और उससे पहले दिल्ली में भी किया था।
वह हर राज्य में ऑटो रिक्शा वालों का ड्रामा करते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव के समय बंद कमरे में एक मीटिंग के दौरान एक ऑटो रिक्शा ड्राईवर ने कहा कि क्या वह उनके घर खाना खाने आएँगे। फिर वह उसी रात भगवंत सिंह मान और चीमा को लेकर उसके घर खाना खाने गए। ये सब वीडियो जारी किए गए थे। अब गुजरात में भी हूबहू वही हुआ। एक ऑटो रिक्शा ड्राईवर के घर तीन नेता खाना खाने गए। ये दोनों वीडियो अब वायरल हो चुके हैं, जो स्क्रिप्टेड राजनीति का उदाहरण है। सुरक्षा का ड्रामा भी स्क्रिप्टेड था।
गुजरात प्रदेश भाजपा की एक नेता प्रीति गांधी और दिल्ली प्रदेश भाजपा के नेता तेजिंदर पाल बग्गा ने वह चिठ्ठी ट्विटर पर साझा कर दी है, जो खुद गुजरात प्रदेश आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की सुरक्षा के लिए पुलिस कमिश्नर को लिखी थी। इस चिठ्ठी में आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल पर हिंसक हमला होने की आशंका भी जताई है। यानी आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल पर थप्पड़ काण्ड दोहराने की पूरी स्क्रिप्ट लिख ली है। अब एक्शन की तैयारी है।
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(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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