West Bengal: 'नमाज के बाद आतंक फैलाया जाता है', मुर्शिदाबाद के लोगों ने की राष्ट्रपति शासन की मांग
West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ बिल के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद पुलिस का एक्शन तेज है। अभी तक पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।जबकि इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले के कई हिस्सों में पैरामिलिटरी के जवानों को तैनात कर दिया गया। पैरामिलिटरी के जवान सड़कों पर गश्त कर रहे थे। वहीं स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है।

जंगीपुर के एसपी ने क्या कहा?
मुर्शिदाबाद हिंसा पर जंगीपुर के एसपी आनंद रॉय ने कहा, 'स्थिति अब काफी बेहतर है, चीजें सुधर रही हैं। बहुत सी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि अफवाहों पर ध्यान न दें। हमने कल कई लोगों को गिरफ्तार किया है और यह प्रक्रिया अभी जारी है। बाकी उपद्रवियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।'
यहां गुंडागर्दी चलता है, आराजकता चलता है- स्थानीय लोग
वहीं हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद से कई वीडियो सामने आए हैं जिसमें लोग पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे है। लोग केंद्र सरकार से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि, 'यहां पर हर शुक्रवार को नमाज के बाद आतंक फैलाया जाता है। यहां गुंडागर्दी चलता है, आराजकता चलता है।'
सुवेंदु अधिकारी का गंभीर आरोप
वहीं पुलिस का कहना है कि वहां पर फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है। लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और BJP विधायक सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।
जिसमें उन्होंने बताया है कि, 'अभी भी बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग धूलियन, मुर्शिदाबाद से 400 से अधिक हिंदू, धर्मांध तत्वों के डर से मजबूर होकर नदी पार कर मालदा के बैष्णबनगर के देओनापुर-सोवापुर ग्राम पंचायत स्थित पर लालपुर हाई स्कूल में शरण लेने को विवश हुए।'
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'धार्मिक प्रताड़ना एक कड़वा सच बन चुकी है'
उन्होंने आगे लिखा है कि, 'पश्चिम बंगाल में धार्मिक प्रताड़ना एक कड़वा सच बन चुकी है। टीएमसी की तुष्टिकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी ताकतों को और अधिक निर्भीक बना दिया है।
हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, हमारे लोग अपने ही देश में अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हैं! राज्य सरकार पर शर्म आती है, जिसने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा जाने दिया।'
'विस्थापित हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें'
'मैं जिले में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन से अपील करता हूँ कि इन विस्थापित हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें और उन्हें इस जिहादी आतंक से सुरक्षा प्रदान करें। बंगाल जल रहा है। सामाजिक ताना-बाना बिखर चुका है। अब बहुत हो चुका।'
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