WB शिक्षक भर्ती घोटाला, CBI ही करेगी मामले की जांच, कलकत्ता HC का बड़ा फैसला
कलकत्ता, 02 सितंबर। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच करने के लिए सीबीआई को निर्देश देने वाली अपनी एकल पीठ के आदेश को शुक्रवार को बरकरार रखा। साथ ही न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार और न्यायमूर्ति बनर्जी की खंडपीठ ने एकल पीठ को जांच की निगरानी करने का भी निर्देश दिया है।

पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कथित विसंगतियों की सीबीआई जांच के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को बरकरार रखते हुए पीठ ने कहा कि मामले के संबंध में पैसे के लेन-देन की जांच आवश्यकतानुसार की जाएगी। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया है कि पश्चिम बंगाल प्राइमरी स्कूल बोर्ड से चुनिंदा रूप से एक अतिरिक्त अंक का लाभ पाने वाले 269 लोगों को उनकी नौकरी से हटाने का एकल पीठ का आदेश, एकल पीठ के समक्ष मामले के निपटारे तक बना रहेगा।
इस आदेश को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच की आंच ममता बनर्जी तक भी पहुंच सकती है। हालांकि, जांच से पहले इस बारे में कुछ भी कयास लगाना मुश्किल होगा।
जानें पूरा मामला
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियों के लिए स्कूल सेवा आयोग ने 2016 में परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्तियां बिना परीक्षा में पास हुए भी हो गई थी। इसको लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका कर दी। याचिका में कहा गया था कि बिना टीईटी पास वालों को भी शिक्षक की नौकरी दे दी गई है। जबकि शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य है। भर्ती के तहत ग्रुप डी के कुल 13000 पदों पर नियुक्तियां की जानी थी। इसके बाद से मामले की जांच सीबीआई से कराई जा रही है।
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