क्या टूट जाएगा ममता बनर्जी-प्रशांत किशोर का साथ, निकाय चुनाव से पहले उम्मीदवारों की लिस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

कोलकाता, 08 फरवरी। तृणमूल कांग्रेस के भीतर 109 निकायों के टिकट वितरण को लेकर अंतर्कलह सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जिस तरह से आगामी निकाय चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की गई है उसको लेकर पार्टी के भीतर काफी असंतोष है। सोमवार को प्रदेशभर में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस लिस्ट के खिलाफ विरोध किया। जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं को आगे आना पड़ा। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को पार्टी ने कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का गठन हर जिले में किया गया है, जिसमे पार्टी के शीर्ष नेता शामिल हैं जो पार्टी के सदस्यों की शिकायतों को सुनेंगे।

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लिस्ट को लेकर हुआ विवाद
रिपोर्ट के अनुसार टीएमसी की लिस्ट को लेकर प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक और टीएमसी के बीच मतभेद खड़ा हो गया है। यही नहीं मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस विवाद के जलते टीएमसी और आई-पैक के बीच भविष्य का रास्ता मुश्किल हो सकता है। यह पूरा विवाद उस वक्त खड़ा हुआ जब टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी और सुब्रत बक्षी ने पार्टी की आधिकारिक लिस्ट को जारी किया। इस लिस्ट पर दोनों ही नेताओं के हस्ताक्षर थे। लेकिन पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर जो लिस्ट जारी की गई उसपर इन दोनों के हस्ताक्षर नहीं थे।

ममता ने कहा, हर किसी को खुश नहीं कर सकते
इन दोनों लिस्ट के सामने आने के बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन होने लगा। कई नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर में आग लगाई और पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि पार्थ चटर्जी और सुब्रत बक्षी ने जो लिस्ट जारी की है वह फाइनल लिस्ट है। हम हर किसी को खुश नहीं कर सकते हैं। इसमे कुछ भ्रम हुआ है। टीएमसी-आई पैक के बीच रिश्तों में खटास को लेकर जब ममता बनर्जी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल मत पूछिए जो पार्टी के आंतरिक मामलों से जुड़े नहीं हैं। यह पार्टी से जुड़ा मामला नहीं है।

क्या कहना है कि टीएमसी और आई-पैक का
वहीं पार्थ चटर्जी ने कहा जिन लोगों का आई पैक से साथ रिश्ता है वही लोग इसपर बयान दे सकते हैं। इस मामले में मेरे कहने का कोई मतलब नहीं है। मैं पार्टी के संगठन से जुड़े मामले देखता हूं। वहीं आई पैक ने इस बारे में कहा कि मीडिया रिपोर्ट में आई पैक और टीएमसी के बीच के रिश्तों को लेकर खबरें निराधार हैं। शुक्रवार को जो लिस्ट पार्थ चटर्जी और सुब्रत बक्षी ने जारी की है वह फाइनल लिस्ट है, इसे ममता बनर्जी की स्वीकृति के बाद ही जारी किया गया है। वहीं आई-पैक की ओर से कहा गया है कि हमारा इस लिस्ट को तैयार करने में कोई योगदान नहीं है, हमारा काम पार्षदों के कामकाज का आंकलना करना था, हमने वह किया और इसकी रिपोर्ट सबमिट कर दी। इसके बादपार्टी के नेतृत्व ने तय किया कि किसे उम्मीदवार बनाना है।

2021 में पीके जुड़े थे टीएमसी के साथ
गौर करने वाली बात है कि टीएमसी ने प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी आई-पैक को 2021 में चुनावी रणनीति और प्रचार के लिए करार किया था। प्रदेश में जिस तरह से पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की उसके बाद टीएमसी ने प्रशांत किशोर के साथ करार को 2026 तक जारी रखने का फैसला लिया। आई-पैक को प्रदेश से बाहर टीएमसी का विस्तार करने के लिए कहा गया था। टीएमसी विधायक मदन मित्रा को अपने विधानसभा क्षेत्र में लिस्ट को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा, उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर ममता बनर्जी से बात करूंगा। वहीं टीएमसी नेता और मंत्री सोवनदेब चटोपाध्याय ने कहा कि मैंने खरदा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की बैठक को बीच में छोड़ दिया था क्योंकि मेरी पसंद का एक भी उम्मीदवार इस लिस्ट में नहीं था।

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