आसनसोल उपचुनाव में शत्रुघ्न के खिलाफ रविशंकर करेंगे प्रचार, जानिए क्यों आ रही है पटना साहिब की याद ?
आसनसोल, 6 अप्रैल: पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद पश्चिम बंगाल के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में बिहारी बाबू उर्फ शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ प्रचार अभियान में शामिल होंगे। इस तरह से आसनसोल लोकसभा उपचुनाव ने 2019 में बिहार की पटना साहिब लोकसभा चुनाव की यादें ताजा कर दी हैं। उस सीट पर ये दोनों नेता एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थे और तब कांग्रेस की टिकट पर लड़े शत्रुघ्न सिन्हा को पटना के वोटरों ने खामोश कर दिया था। आसनसोल में 12 अप्रैल को वोटिंग है। यहां से बाबुल सुप्रियो दो-दो बार बीजेपी के टिकट पर लोकसभा पहुंचे थे। लेकिन, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने ममता बनर्जी की टीएमसी में शामिल होने के लिए बीजेपी को टाटा कह दिया। इसी वजह से वहां उपचुनाव करवाए जा रहे हैं और ममता ने इस सीट पर कभी भाजपा के दिग्गज माने जाने वाले 'शॉटगन' को अपना प्रत्याशी बनाकर उतारा है।

आसनसोल में रविशंकर करेंगे शत्रुघ्न के खिलाफ प्रचार
2019 के लोकसभा चुनाव में पटना साहिब संसदीय सीट को लेकर देशभर में खूब चर्चा थी। लेकिन, तब रविशंकर प्रसाद ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में वहां से दो-दो बार चुने जा चुके शत्रुघ्न सिन्हा को बुरी तरह से पटखनी दे दी थी। इसलिए बीजेपी ने अब शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ प्रचार के लिए रविशंकर को आसनसोल भेजना तय किया है। पूर्व कानून मंत्री शुक्रवार को अपनी पार्टी के पूर्व सहयोगी के खिलाफ चुनाव प्रचार में एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के साथ उतरेंगे। यादव भी पटना की दूसरी लोकसभा सीट पाटलिपुत्रा से भाजपा सांसद हैं और एक जमाने में राजद सुप्रीमो लालू यादव के खासमखास रह चुके हैं।
गैर-बंगाली वोटरों की वजह से टीएमसी ने दिया टिकट
आसनसोल में गैर-बंगाली वोटरों की अच्छी तादाद है और शायद इसीलिए टीएमसी ने बिहारी बाबू को यहां से टिकट दिया है। इस सीट पर बीजेपी ने अग्निमित्रा पॉल को उतारा है, जो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी की एमएलए हैं।
रामकृपाल यादव ने भी खोला मोर्चा
इस बीच रामकृपाल यादव ने पहले से ही बॉलीवुड के पूर्व अभिनेता सिन्हा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वह आसनसोल के वोटरों को पटना साहिब के 10 साल के सांसद के तौर पर शत्रुघ्न सिन्हा के प्रदर्शन का जिक्र कर रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि सांसद के रूप में शत्रुघ्न सिन्हा के खराब रिकॉर्ड की वजह से ही वे पार्टी से दूर होते गए और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन रविशंकर के हाथों 2.84 लाख से ज्यादा वोटों से हार गए। रामकृपाल यादव ने टीएमसी उम्मीदवार के बारे में कहा है, 'लोगों को किसी ऐसे को चुनना चाहिए, जो उनके बीच में रहे और उनकी जरूरतों के समय उपलब्ध हो।' यादव और प्रसाद दोनों आसनसोल में कई सभाएं करने वाले हैं।
बीजेपी ने 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनावों में आसनसोल सीट जीत ली थी। लेकिन, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी ने जिस तरह से ताकत पाई है, इसबार बीजेपी के लिए चुनौती आसान नहीं है।












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