कोलकाता में CISF जवानों को सुविधा ना मिलने पर केंद्र का सख्त, SC में ममता सरकार के खिलाफ याचिका दायर
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाला में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी का देश के कई हिस्सों में विरोध हुआ। बंगाल में इसको लेकर छात्र और मेडिकल से जुड़े प्रोफेशनल्स सड़कों पर हैं। इस बीच प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने इस हफ्ते आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया। इन सब के बीच केंद्र ने ममता सरकार की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के दौरान प्रदेश में व्यापक स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। बंगाल पुलिस के अलावा आरजी कर मेडिकल कॉलेज समेत सीआईएसएफ के जवान कई प्रमुख स्थलों पर तैनात किए गए हैं।

कोलकाता लेडी डॉक्टर रेप- मर्डर मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले हफ्ते बड़ा दावा किया। जांच एजेंसी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितता को लेकर कहा कि इसमें बड़ी साठगांठ नजर आती है। सीबीआई ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि . पूरे गठजोड़ का पर्दाफाश करने के लिए ने गहनता से पूछताछ करना जरूरी है।
एक बयान में केंद्रीय एजेंसी ने गया, "इसमें एक बड़ी सांठगांठ है जिसे उजागर करने की जरूरत है और इसलिए हम पूछताछ के लिए कह रहे हैं। हमने अभी 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. बहुत बड़ा गठजोड़ है. पूरे गठजोड़ का पर्दाफाश करने के लिए हमें उनकी हिरासत की जरूरत है।"
केंद्र ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
वहीं दूसरी मामले में केंद्र सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। जिमसें केंद्र ने कहा कि कोलकात में लेडी डॉक्टर के साथ हुई घटना की जांच में प्रदेश सरकार सहयोग करने के कतरा रही है।
याचिका में केंद्र ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि ऑन-ड्यूटी सीआईएसएफ कर्मियों को आवास, सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता और परिवहन की कमी के कारण ड्यूटी करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में ममता सरकार पर लगे कौन से आरोप?
बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद वहां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वहां सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती की है, जिन्हें आरजी कर मेडिकल कॉलेज, छात्राओं के हॉस्पिटल की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। अब गृह मंत्रालय का आरोप है कि ममता सरकार उन्हें व्यवस्था ना देकर परेशान कर रही है। केंद्र ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गई है। जवानों के रहने के लिए आवास तक उपलब्ध कराया गया। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि ममता सरकार का यह रवैया छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने जैसा है।
केंद्र ने टीएमसी सरकार के कथित असहयोग को सरकारी सिस्टम की कमजोरी का लक्षण बताया। अपनी याचिका में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल से सीआईएसएफ को पूर्ण सहयोग मिलने और 20 अगस्त के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है। केंद्र ने कहा है कि अगर जानबूझकर आदेश का अनुपालन नहीं करता तो कोर्ट को इस स्थिति में अवमानना कार्यवाही करने का निर्देश देने की मांग की है।












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