कोलकाता गैंगरेप पीड़िता की अब कैसी है हालात? परिवार ने बताया, चाचा बोले- दोषी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए
Kolkata law student gangrape Case: कोलकाता के कसबा लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप मामले में पीड़िता के परिवार ने प्रशासन और पुलिस पर पूरा भरोसा जताया है। पीड़िता के चाचा ने कहा,"हमें प्रशासन पर पूरा विश्वास है। कोलकाता पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है। पीड़िता की हालत ठीक नहीं है, वह गहरे सदमे में है। हम चाहते हैं कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।"
पीड़िता के परिवार ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से मिलने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे वर्तमान जांच से संतुष्ट हैं और उन्हें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। पीड़िता के साथ 25 जून की रात कलकत्ता लॉ कॉलेज में गैंगरेप किया गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि 25 जून को उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया, जब उसने मुख्य आरोपी 31 वर्षीय मोनोजीत मिश्रा, जो एक पूर्व छात्र है और तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) का वर्तमान महासचिव है, के विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने की कॉलेज का दौरा
NCW सदस्य अर्चना मजूमदार रविवार 29 जून को कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़िता की लोकेशन और जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, "आयोग पीड़िता के साथ खड़ा है। हमारा कर्तव्य है कि जब तक पीड़िता चाहती है, हम उसकी सहायता करें।" उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया के तहत पीड़िता और उसके परिवार से मिलना जरूरी है।
कॉलेज दौरे के दौरान अर्चना मजूमदार और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखी गई। एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने बताया कि आयोग की सदस्य को केवल दो अन्य लोगों के साथ कैंपस में प्रवेश की अनुमति दी गई थी और उनके मोबाइल नंबर नोट किए गए। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "कैंपस के अंदर किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी जाएगी।''
SIT कर रही है जांच, अब तक चार गिरफ्तार
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद मुख्य आरोपी (एक पूर्व छात्र), दो वर्तमान छात्र और एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एक एसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं।
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
बीजेपी और वामपंथी दलों सहित कई विपक्षी पार्टियां राज्य की कानून-व्यवस्था और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उनका आरोप है कि टीएमसी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है और राज्य में अराजकता फैली हुई है।
बीजेपी नेता दिलिप घोष ने कहा, "पीड़िता के बयान के आधार पर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जांच में जो सामने आएगा, वह देखा जाएगा। लेकिन जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। बंगाल में बार-बार ऐसी अमानवीय घटनाएं हो रही हैं और इन्हें दबाया जा रहा है।"
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इस मामले में एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा, "हां, घटनाएं होती हैं। हर पुरुष ऐसा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता विकृत होती है। ऐसे ही लोग फिर सड़कों पर आकर प्रदर्शन करते हैं और मौत की सजा की मांग करते हैं।"












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